6 करोड़ 33 लाख रुपये की आएगी लागत
स्मार्ट क्लासरूम, खेल मैदान, स्विमिंग पूल भोजन और आराम की होगी व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
घनारी (ऊना)। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के उपमंडल गगरेट में पहले डे बोर्डिंग स्कूल भवन का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। मई 2026 तक इसे मुकम्मल करने का लक्ष्य रखा है। इससे बच्चों को पढ़ाई के लिए दिल्ली, चंडीगढ़ या बड़े शहरों में भेजने वाले अभिभावकों को राहत मिलेगी। ग्रामीणों को नजदीक ही बेहतर शिक्षा की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। उपमंडल गगरेट के विकास के लिए यह बड़ी सौगात होगी। संघनई गांव में प्रस्तावित राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर कुल 6 करोड़ 33 लाख की लागत आएगी। यह डे बोर्डिंग स्कूल उपमंडल गगरेट का पहला बोर्डिंग स्कूल होगा। इस परियोजना को तय समय में पूरा करने के लिए लोक निर्माण विभाग पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारियों एक्सईएन इंजीनियर एचजी कौशल, एसडीओ इंजीनियर दिनेश जसवाल, जेई इंजीनियर गौरव शर्मा और एजेंसी के डायरेक्टर इंजीनियर मनोज शर्मा ने कहा कि अत्याधुनिक मापदंडों से बनाए जा रहे इस स्कूल को निर्धारित समय में पूरा कर लोकार्पित कर दिया जाएगा। उन्होंने विश्वास दिलाया कि निर्माण कार्य को उच्च गुणवत्ता और तय समय के भीतर पूरा किया जाएगा। क्षेत्र के वरिष्ठ समाजसेवी शौर्य चक्र विजेता सेवानिवृत्त कैप्टन सुशील जरियाल के अनुसार संघनई में राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल का निर्माण इस क्षेत्र में शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में अहम भूमिका निभाएगा।
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महिलाओं और कामकाजी दंपतियों के लिए बड़ी सौगात
यह डे बोर्डिंग स्कूल क्षेत्र के सभी वर्गों के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा साबित होगा। विशेष रूप से कामकाजी दंपतियों के लिए वरदान माना जा रहा है। खासकर कामकाजी महिलाओं और अभिभावकों में इस स्कूल को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।
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डे बोर्डिंग स्कूल की मुख्य विशेषताएं,
डे बोर्डिंग स्कूल ऐसे विद्यालय होते हैं जहां छात्र पूरे दिन स्कूल में रहते हैं और शाम को घर लौटते हैं। इन स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, खेल के मैदान, स्विमिंग पूल, सह पाठ्यक्रम गतिविधियां जैसे खेल, संगीत, योग, भोजन और आराम की व्यवस्था, अनुशासन, समय प्रबंधन और सुरक्षित वातावरण समेत अन्य आधुनिक सुविधाएं होती हैं। ये स्कूल कामकाजी माता–पिता के बच्चों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होते हैं, क्योंकि यहां पढ़ाई के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास पर भी ध्यान दिया जाता है।