ऊना। शहर में स्थापित सार्वजनिक शौचालयों की खस्ताहाल स्थिति को सुधारने के लिए नगर निगम ने व्यापक स्तर पर पहल शुरू कर दी है। निगम प्रशासन अब शहर के सभी सार्वजनिक शौचालयों का विस्तृत सर्वेक्षण कर उनकी वास्तविक स्थिति का आकलन करेगा। इसके आधार पर जर्जर हो चुके शौचालयों का जीर्णोद्धार कराया जाएगा और सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा।
शहर के विभिन्न वार्डों में बने कई सार्वजनिक शौचालय लंबे समय से रखरखाव के अभाव में बदहाल स्थिति में हैं। कई स्थानों पर शौचालयों में गंदगी का अंबार लगा रहता है, पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। अवकाश वाले दिन तो इन शौचालयों में ताला लटका रहता है। ऐसे में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। नगर निगम ने इस गंभीर समस्या को ध्यान में रखते हुए चरणबद्ध तरीके से सुधार कार्य शुरू करने की योजना बनाई है। पहले चरण में निगम की टीम द्वारा सभी सार्वजनिक शौचालयों का भौतिक निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान साफ-सफाई की स्थिति, पानी-बिजली की उपलब्धता, रखरखाव, उपयोग की स्थिति और मरम्मत की आवश्यकता जैसे बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जिन शौचालयों की स्थिति अत्यधिक खराब पाई जाएगी, उनका शीघ्र जीर्णोद्धार कराया जाएगा। इसके तहत मरम्मत कार्य, टाइल्स, पाइपलाइन, पानी की टंकियों और स्वच्छता से जुड़े अन्य संसाधनों को दुरुस्त किया जाएगा। साथ ही, नियमित सफाई व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए ठेकेदारों की जवाबदेही भी तय की जाएगी। भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित होगा। दूसरी तरफ शहर के उन क्षेत्रों को भी चिह्नित किया जाएगा, जहां सार्वजनिक शौचालयों की कमी है। इन स्थानों पर नए शौचालयों के निर्माण को लेकर योजना तैयार की जाएगी।
शहर में शौचालयाें की हालत सुधारने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसे लेकर जल्द ही एक सर्वेक्षण किया जाएगा। साथ ही नए शौचालयों के निर्माण व पुरानों की हालत सुधारने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे।
-मनोज कुमार, संयुक्त आयुक्त नगर निगम ऊना