ऊना। गांवों को विकास, सुशासन और सामाजिक परिवर्तन की सबसे मजबूत इकाई बताते हुए उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि गांव मजबूत और समृद्ध होंगे तो हिमाचल भी समृद्ध होगा।
उन्होंने नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर जनसेवा, गरीब कल्याण, नशा उन्मूलन और युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए एकजुट होकर कार्य करने तथा गांवों को विकास की नई दिशा देने का आह्वान किया।
सोमवार को लता मंगेशकर कला केंद्र, समूरकलां में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में उपमुख्यमंत्री ने ऊना जिले की 249 ग्राम पंचायतों के नवनिर्वाचित प्रधानों और उपप्रधानों को पद-निष्ठा की शपथ दिलाई। समारोह में करीब 500 पंचायत जनप्रतिनिधि और उनके परिजन उपस्थित रहे।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस शपथ को महज एक औपचारिकता नहीं समझना चाहिए। भारत के लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत यह है कि पंच से प्रधानमंत्री तक सभी जनप्रतिनिधि जनता के मत से चुनकर आते हैं। लोगों ने जिस विश्वास के साथ पंचायत प्रतिनिधियों को चुनकर भेजा है, उस विश्वास पर खरा उतरना उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि नशा निवारण को जन आंदोलन का रूप देने की आवश्यकता है और पंचायतें इसमें अग्रणी भूमिका निभाएं।
चिट्टे सहित किसी भी प्रकार के नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों का किसी स्तर पर संरक्षण या बचाव न किया जाए। उन्होंने कहा कि गांवों को नशामुक्त बनाने की जिम्मेदारी पंचायत प्रतिनिधियों को अपने कंधों पर लेनी होगी।
समूरकलां में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री नवनिर्वाचित प्रधानों व- फोटो : गांव सिकेरा में मूर्ति अनावरण करते सपा राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव। स्रोत संवाद
समूरकलां में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री नवनिर्वाचित प्रधानों व- फोटो : गांव सिकेरा में मूर्ति अनावरण करते सपा राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव। स्रोत संवाद