तय समयावधि में फंड से जुड़ी जानकारी देने को कहा
हर साल सड़क सुरक्षा से जुड़ा फंड करवाया जाता है उपलब्ध
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले के स्कूलों में सालभर इस्तेमाल होने वाले सड़क सुरक्षा फंड का विवरण मांगा गया है। यह जानकारी जिला के 141 स्कूलों से मांगी गई है। इसमें स्कूलों को बताना होगा कि इस फंड की राशि को कहां खर्च किया गया और उसकी फोटो सहित सारी जानकारी उपलब्ध करानी होगी। विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा के नियमों और जागरूकता के लिए सालभर कई गतिविधियां करवाई जाती हैं। विद्यार्थियों के बीच नारा लेखन, चित्रकला, प्रश्नोत्तरी, भाषण सहित अन्य प्रतियोगिताएं आयोजित होती हैं। इन गतिविधियों का मकसद सड़क सुरक्षा के बारे में जागरूकता बढ़ाकर सड़क हादसों में कमी लाना है। इसके लिए हर शैक्षणिक सत्र में 10,000 रुपये प्रति स्कूल दिए जाते हैं। शैक्षणिक सत्र के समापन के बाद स्कूलों से यह रिपोर्ट मांगी जाती है कि यह बजट का खर्च कहां किया। इसकी पूरी जानकारी विभाग कार्यालय के पास जमा करानी होती है। लिखित दस्तावेजों के अलावा गतिविधियों के फोटो भी शामिल रहते हैं। स्कूलों को सड़क सुरक्षा फंड से संबंधित जानकारी में बताना होता है कि किसी गतिविधि को किस मकसद के साथ आयोजित करवाया गया। इसके अलावा किस गतिविधि में कितने पैसे खर्च किए गए, यह भी विस्तार से बताना होगा। जिले में होने वाले सड़क हादसों में 70 प्रतिशत जान गंवाने वाले युवा हैं। इसमें सबसे अधिक संख्या दोपहिया वाहन चालकों की है। बेहद तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाना हादसों के मुख्य कारण आंके गए हैं। इसकी रोकथाम के लिए अब स्कूल स्तर पर विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाई जा रही है। कई गतिविधियों का आयोजन कर बच्चों को यातायात नियमों का पालन करने का संदेश दिया जाता है।
उपनिदेशक उच्च शिक्षा विभाग अनिल कुमार ने बताया कि जिले के 141 स्कूलों से सड़क सुरक्षा फंड के खर्च से जुड़ी जानकारी मांगी गई है। कई स्कूलों ने यह जानकारी उपलब्ध करा दी। जबकि, कुछ की औपचारिकता अभी बाकी है। यह हर साल की प्रक्रिया है। सभी स्कूल सक्रियता के साथ इसे पूरा करें।