ऊना। जिले में बढ़ती गर्मी का असर अब बाजारों में भी साफ दिखाई देने लगा है। प्रचंड गर्मी के चलते जूस की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ बढ़ गई है और जूस की मांग में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की जा रही है।
सामान्य दिनों में जहां एक दुकान पर प्रतिदिन औसतन 60 से 70 गिलास जूस बिकता था, वहीं अब यह आंकड़ा बढ़कर 200 से 250 गिलास प्रतिदिन तक पहुंच गया है। गर्मी बढ़ने के साथ लोग राहत पाने के लिए जूस और ठंडे पेय पदार्थों का सहारा ले रहे हैं।
जूस की बढ़ती मांग के बीच इसके दामों में भी पांच से दस रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है। कारोबारियों के अनुसार फलों की कीमतों में इजाफा होने से जूस के रेट बढ़ाने पड़े हैं। मौसमी का 20 किलोग्राम वाला बॉक्स, जो पहले करीब 800 रुपये में मिलता था, अब बढ़कर 1600 रुपये तक पहुंच गया है।
फलों के दाम बढ़ने का असर सीधे जूस की कीमतों पर पड़ा है। पहले मौसमी जूस का एक गिलास 50 रुपये में मिलता था, जो अब 60 रुपये में बिक रहा है। हालांकि मिक्स जूस के दाम फिलहाल 50 रुपये प्रति गिलास ही बने हुए हैं।
सोनी सैणी जूस बार के संचालक ने बताया कि गर्मियों में जूस की मांग लगातार बढ़ रही है। कई बार ग्राहकों की मांग के अनुसार जूस उपलब्ध कराना भी मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा कि फलों की बढ़ती कीमतों के कारण जूस के दाम बढ़ाने पड़ रहे हैं।
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मौसमी के दाम में वृद्धि होने से जूस का गिलास भी 10 रुपये महंगा हो गया है। अब मौसमी जूस का गिलास ही 60 रुपये बिक रहा है। बाकी फलों के जूस 50 रुपये ही बिक रहा है। -पवन कुमार
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गर्मियों में जूस के कारोबार में वूद्धि हुई है। सामान्य दिनों के मुकाबले गर्मियों में 200 से 250 से अधिक गिलास जूस के रोजाना बिक रहे हैँ। कई बार उपभोक्ताओं की जूस की मांग को भी पूरा करना असंभव हो जाता है। बंटी, दुकानदार