गगरेट (ऊना)। ग्राम पंचायत दियोली स्थित सहकारी कृषि सेवा सभा में ग्रामीणों की जमा पूंजी छह वर्ष से अधिक समय से अटकी हुई है। 13.27 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता से जुड़े इस मामले में प्रभावित खाताधारक अब सरकार से अपनी जमा राशि वापस दिलाने के लिए ठोस और समयबद्ध कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से इंतजार के बावजूद उन्हें न तो अपनी राशि वापस मिली और न ही इसे लौटाने की प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट जानकारी दी जा रही है।
शिकायतकर्ताओं कैप्टन कुलदीप सिंह, तरसेम सिंह और द्वार पाल के अनुसार, क्षेत्र के अनेक परिवारों ने अपनी बचत सहकारी सभा में जमा करवाई थी। इनमें किसान, मजदूर और छोटे कारोबारी शामिल हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कई परिवारों ने खेती, मजदूरी और घरेलू बचत से पैसा जोड़कर सभा में जमा करवाया था। अब वर्षों से राशि अटकी होने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, वे मामले को लेकर सहकारिता विभाग और राज्य सरकार के अधिकारियों को कई बार दस्तावेज और रिकॉर्ड उपलब्ध करवा चुके हैं। जनवरी 2023 में मुख्यमंत्री को भेजे गए शिकायत पत्र में भी मामले की जांच करवाने, जिम्मेदारी तय करने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई थी। शिकायत में 13,27,60,088.38 रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता का उल्लेख किया गया है।
ग्रामीणों का दावा है कि सहकारी सभा की बैलेंस शीट, ऑडिट रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर उन्होंने अधिकारियों का ध्यान कथित वित्तीय गड़बड़ी की ओर दिलाया है। खाताधारकों का कहना है कि उनकी जमा रकम उनके वर्षों की मेहनत और बचत का हिस्सा है। ऐसे में सरकार को मामले की जांच के साथ उनकी राशि लौटाने की प्रक्रिया भी स्पष्ट करनी चाहिए।
प्रभावित खाताधारकों ने मांग की है कि मामले की जांच जल्द पूरी कर जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाए और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही खाताधारकों की जमा पूंजी लौटाने के लिए समयबद्ध योजना बनाई जाए। सहायक पंजीयक प्रवीण आनंद का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। संबंधित क्षेत्र के निरीक्षक से रिपोर्ट तलब की जाएगी।