ऊना। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) ऊना डिपो को मिली 35 ई-बसें अब प्रस्तावित हरोली ई-बस डिपो को शिफ्ट होंगी। इसे लेकर निगम के स्तर पर प्रक्रिया शुरू हो गई है। हालांकि हरोली ई-डिपो प्रशासनिक रूप से ऊना एचआरटीसी डिपो के उपमंडलीय प्रबंधक (डीडीएम) के अधीन संचालित होगा। नए ई-डिपो के लिए निगम अलग से स्टाफ तैनात नहीं करेगा। बीते दिनों हरोली में अलग ई-बस डिपो स्थापित करने के प्रस्ताव को हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स (बीओडी) से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। अब डिपो को पूरी तरह संचालित करने की दिशा में औपचारिक प्रक्रियाएं शुरू हो गई हैं।
हरोली में ई-बस डिपो बनने से जिला ऊना में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन, रखरखाव और चार्जिंग व्यवस्था को एक ही स्थान पर विकसित किया जाएगा। इससे बसों की तकनीकी निगरानी बेहतर होगी और परिचालन में भी तेजी आएगी। डिपो के शुरू होने के बाद यहां से विभिन्न रूटों पर ई-बसों का संचालन आसान होगा।
एचआरटीसी ने पहले चरण में ऊना क्षेत्र के लिए 35 इलेक्ट्रिक बसें निर्धारित की हैं। इन बसों को प्रस्तावित हरोली ई-बस डिपो में रखा जाएगा। वर्तमान में ई-बसों के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाएं विकसित की जा रही हैं ताकि बसों के पहुंचते ही उनका नियमित संचालन शुरू किया जा सके।
बता दें कि ऊना डिपो ने ई-बसों के लिए रूट प्लान पहले ही तैयार कर लिया है। ई-बसों को 180 किलोमीटर तक लंबे रूट पर भेजने की तैयारी की जा रही है। निगम के अधिकारियों के अनुसार होशियारपुर, गढ़शंकर तक रूट पर ई-बसों को चलाया जा सकता है।
इसके बाद चरणबद्ध तरीके से विभिन्न रूटों पर ई-बसों का संचालन बढ़ाया जाएगा, जिससे जिला ऊना के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को भी स्वच्छ और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन की बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
बीओडी की बैठक में चार ई-डिपो बनाने को मंजूरी मिली है। इनमें हरोली में भी ई-डिपो बनेगा। क्याेंकि यह ऊना डिपो के बिलकुल पास में है तो ऊना को मिली ई-बसों का संचालन हरोली ई-डिपो से किया जाएगा।
-अजय वर्मा, उपाध्यक्ष एचआरटीसी