ऊना। कोरोना महामारी में सरकारी अध्यापक भी देश के भविष्य को चमकाने का काम कर रहे हैं। ऑनलाइन शिक्षा के तहत जिन विद्यार्थियों के पास इंटरनेट के लिए पैसे नहीं है, उन निर्धन विद्यार्थियों के लिए सरकारी स्कूलों के शिक्षक अपने जेब से इंटरनेट सुविधा दे रहे हैं।
गौरतलब है कि सरकारी स्कूलों में ज्यादा संख्या में गरीब परिवारों से संबंध रखने वाले विद्यार्थी ही शिक्षा ग्रहण करते हैं। ऑनलाइन पढ़ाई के लिए गरीब विद्यार्थी इंटरनेट खर्च भी नहीं उठा पा रहे हैं। कोरोना योद्धा के रूप में उभरकर शिक्षकों ने इस कार्य की जिम्मेदारी ली है। हिमाचल राजकीय प्रवक्ता संघ के राज्य चेयरमैन विनोद बन्याल ने कहा कि इंटरनेट सुविधा के साथ-साथ शिक्षक विद्यार्थियों को ऑनलाइन शिक्षा का पूरा लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित भी कर रहे हैं। इसके साथ-साथ विद्यार्थियों की शिक्षा संबंधी समस्याओं को भी हल कर रहे हैं और प्रशासन के समक्ष भी उठा रहे हैं। उच्च शिक्षा उपनिदेशक पीसी राणा ने कहा कि विद्यार्थियों की पढ़ाई ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से चल रही हैं और उन्हें पुस्तकें भी उपलब्ध करवा दी गई हैं।