शिक्षा विभाग ने अध्यापकों को अभिभावकों के साथ बैठकें करने के लिए कहा
डोर-टू-डोर सरकारी स्कूलों में मिल रहीं सुविधाएं बताएं
हर साल विद्यार्थियों की घटती संख्या पर जताई चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। सरकारी स्कूलों में लगातार गिर रही विद्यार्थियों की संख्या पर शिक्षा विभाग ने चिंता जताई है। विभाग की ओर से स्कूलों को हिदायत दी गई है कि सरकारी स्कूलों में मिलने वाली सुविधाओं और पढ़ाई के साथ यहां होने वाली अन्य गतिविधियों का प्रचार करें। विभाग ने सभी स्कूलों को आदेश जारी किए हैं। कहा गया है कि अभिभावकों के साथ बातचीत करें। बैठकें और डोर-टू-डोर अभियान का संचालन किया जाए। विभाग की ओर से दाखिला संख्या बढ़ाने के लिए स्कूलों को सुझाव भी जारी किए गए हैं।
जानकारी के अनुसार जिले के स्कूलों में हर सत्र में विद्यार्थियों की संख्या का ग्राफ गिर रहा है। बच्चों के साथ उनके अभिभावक भी सरकारी के बजाय निजी स्कूलों में विद्यार्थियों को पढ़ाना बेहतर मान रहे हैं। इस स्थिति से उबरने और बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए विभाग ने स्कूलों को सुझाव दिया कि एक विशेष पेरेंट्स टीचर बैठक का आयोजन किया जाए। इसमें सरकारी स्कूलों में मिलने वाली बेहतर सुविधाओं व अन्य गतिविधियों की जानकारी साझा की जाए और अभिभावकों के विचार जानें। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर डोर-टू-डोर अभियान चलाने को कहा गया है। स्थानीय लोगों से बातचीत कर उन्हें सरकारी स्कूलों में मिलने वाली छात्रवृत्तियों, गुणवत्ता वाली शिक्षा और सुविधाओं के बारे में बताएं। इस अभियान में सरकारी स्कूलों में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को शामिल करें और उनके सकारात्मक अनुभव लोगों के साथ साझा करवाने के निर्देश दिए गए हैं। यही नहीं सरकारी स्कूलों में मेधावी बच्चों को मिलने वाली मुफ्त किताबों, छात्रवृत्ति और मिड-डे-मील जैसी सुविधाओं को अभिभावकों के साथ साझा करने की हिदायत दी गई है। विभाग ने इस अभियान का रिकॉर्ड बनाकर रखने के लिए कहा है, जिसमें यह भी दर्शाना होगा कि अभियान के क्या नतीजे रहे।
कोट्स
सरकारी स्कूलों में दाखिला संख्या में इजाफा करना समय की जरूरत है। हर वर्ष दाखिला रिकाॅर्ड में गिरावट दर्ज होना चिंताजनक है। सभी स्कूलों को दाखिला संख्या बढ़ाने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इसे सभी संस्थान गंभीरता लें।
-शिक्षा उपनिदेशक अनिल कुमार