ट्रिपल आईटी ऊना ने डिजाइन और इंजीनियरिंग के लिए क्षमता निर्माण विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोज
ट्रिपल आईटी ऊना में डिजाइन और इंजीनियरिंग के लिए क्षमता निर्माण कार्यशाला शुरू
उद्योग की आवश्यकताओं को अकादमिक शिक्षा से जोड़ने पर अपने विचार साझा किए
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। ट्रिपल आईटी ऊना ने डिजाइन और इंजीनियरिंग के लिए क्षमता निर्माण विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का बुधवार को शुभारंभ किया। इस कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षण विधियों को सुधारना और डिज़ाइन एवं इंजीनियरिंग शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाना है।
कार्यशाला का उद्घाटन मुख्य अतिथि नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के सीईओ एवं कार्यकारी निदेशक जयंत कृष्ण की ओर से किया गया। इस अवसर पर डॉ. सुधीर वरदराजन और डॉ. एचएस जटाना भी उपस्थित रहे। अपने संबोधन में जयंत कृष्ण ने इंजीनियरिंग शिक्षा में निरंतर क्षमता निर्माण और नवाचार की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं भारत में डिज़ाइन और इंजीनियरिंग क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। डॉ. सुधीर वरदराजन ने उद्यमिता, कौशल विकास और उद्योग की आवश्यकताओं को अकादमिक शिक्षा से जोड़ने पर अपने विचार साझा किए। वहीं, डॉ. एचएस जटाना ने डिज़ाइन और इंजीनियरिंग की बदलती भूमिका पर विचार व्यक्त करते हुए शिक्षकों को शिक्षण प्रणाली में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया। इस कार्यशाला में आईआईटी जम्मू, एनआईटी हमीरपुर, आईआईएम सिरमौर और एनआईटी अगरतला समेत प्रतिष्ठित संस्थानों के फैकल्टी सदस्यों ने भाग लिया। इसके अलावा ट्रिपल आईटी ऊना के 25 फैकल्टी सदस्य और देशभर के अन्य अग्रणी संस्थानों के 16 प्रतिष्ठित शिक्षक इस कार्यशाला में सक्रिय रूप से शामिल हुए और विचार-विमर्श किया। कार्यक्रम का समापन डॉ. तनु वधेरा, असिस्टेंट प्रोफेसर, स्कूल ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स और कार्यक्रम समन्वयक द्वारा धन्यवाद किया। स्कूल ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स के विभागाध्यक्ष प्रो. अंकुर कुमार ने कहा कि इस कार्यशाला के सफल आयोजन को देखकर अत्यंत प्रसन्न हूं। यह पहल हमारे विभाग की शिक्षा पद्धति को बेहतर बनाने, नवाचार को प्रोत्साहित करने और उद्योग एवं शिक्षा के बीच सहयोग को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। ट्रिपल आईटी ऊना के निदेशक प्रो. मनीष गौड़ ने इस महत्वपूर्ण कार्यशाला की मेजबानी करने पर गर्व व्यक्त किया और संस्थान की उत्कृष्ट शिक्षा एवं नवाचार को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने यह भी बताया कि ट्रिपल आईटी ऊना नवाचार, सहयोग और सतत कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा, जिससे शिक्षक अगली पीढ़ी के इंजीनियरों और नवोन्वेषकों को प्रेरित कर सकें।