स्कूलों में तैनात पंजाबी अध्यापकों को प्रदेश सरकार नियमित करे। यह मांग पंजाबी टीचर एसोसिएशन पदाधिकारियों ने उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा ऊना हसंराज गुलेरिया को ज्ञापन सौंपकर प्रदेश सरकार से की है। प्रतिनिधिमंडल में प्रधान बेअंत सिंह, मीनू शर्मा, अर्चना, प्रवीण शर्मा, जसप्रीत, सुखविंद्र सिंह, मीनाक्षी शर्मा सहित अन्य शामिल थे। बेअंत सिंह ने बताया कि वर्ष 2010 से पंजाबी शिक्षकों की नियुक्तियां पीरियड के आधार पर हुई थीं।
उन्होंने बताया कि महंगाई के दौर में उनका अपना और अपने परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि पंजाबी अध्यापकों को केवल कार्य दिवस का ही वेतन मिलता है। न तो किसी प्रकार की छु्टी जैसे सीएल, एमएल नहीं मिलती हैं। पंजाबी अध्यापकों के पद के लिए शैक्षणिक योग्यता में जिन अभ्यर्थियों ने ज्ञानी की हो, उन्हें बीएड की शर्त नहीं होनी चाहिए। जिले के सभी स्कूलों में पंजाबी विषय शुरू किया जाए तथा पद सृजित कर भरे जाएं। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है कि उनकी मांगों को लेकर शीघ्र उचित कार्रवाई अमल में लाई जाए।