खराब गुणवत्ता को लेकर उठे सवाल, अधिकारी मौसम को बता रहे वजह
कई जगह आई थी दरारें, लोगों ने उठाए सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में करीब डेढ़ माह पहले चंडीगढ़-धर्मशाला राष्ट्रीय राजमार्ग पर की गई टारिंग एक सप्ताह भी टिक नहीं पाई। सड़क के क्षतिग्रस्त होने पर लोगों ने गुणवत्ता पर सवाल उठाए। बीते मंगलवार को सड़क के खराब हिस्सों से पुरानी टारिंग हटाकर नई परत बिछाई गई।
एनएच की ओर से निर्माण कंपनी को पहले ही निर्देश दिए गए थे, जिसके तहत यह कार्य दोबारा करना पड़ा। हालांकि अधिकारी सड़क खराब होने का कारण मौसम को बता रहे हैं। सवाल यह उठता है कि अगर मौसम टारिंग को प्रभावित करता है, तो हड़बड़ी में यह कार्य क्यों किया गया, जबकि पुरानी सड़क की स्थिति अभी ठीक थी।
जानकारी के अनुसार दिसंबर के शुरुआती दिनों में टारिंग की गई थी, लेकिन एक सप्ताह बाद सड़क कई जगहों से उखड़ गई। नेशनल हाईवे ने मामले का संज्ञान लिया और जहां सड़क उखड़ी या दरारें आईं, वहां ठेकेदार को सड़क उखाड़कर पुनर्निर्माण करने के निर्देश दिए। ठेकेदार की पेमेंट भी रोक दी गई थी। मंगलवार को सभी क्षतिग्रस्त हिस्सों में नई परत बिछाई गई। अब यह देखना दिलचस्प रहेगा कि नई टारिंग टिकती है या नहीं।
स्थानीय निवासी और वाहन चालक रवि कुमार, रविंद्र शर्मा, अजय कुमार, सुरेश सैनी और अभिषेक ठाकुर ने कहा कि पहले भारी बरसात में सड़के क्षतिग्रस्त हुईं और अब निर्माण में लापरवाही दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि सड़कें एक महीना भी न टिकें, तो विभाग के विशेषज्ञ क्या कर रहे हैं। सड़क निर्माण में मौसम और गुणवत्ता की परख पहले होनी चाहिए।
नेशनल हाईवे अथॉरिटी के एसडीओ राजेश शर्मा ने बताया कि क्षतिग्रस्त हिस्से निकालकर दोबारा टारिंग की गई। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।