संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। ग्रीष्मकालीन अवकाश में बदलाव का हिमाचल प्रदेश विज्ञान अध्यापक संघ ने विरोध किया है। संघ ने मांग उठाई है कि सभी शिक्षक संगठनों को विश्वास में लेकर ही फैसला लिया जाना चाहिए और पहले की तरह की अवकाश देने चाहिए। इस मसले को लेकर शनिवार को प्रदेश विज्ञान अध्यापक संघ ऊना की वर्चुअल बैठक में मंथन किया गया।
प्रदेश विज्ञान अध्यापक संघ के जिला महासचिव विपन कुमार ने बताया कि बैठक में विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश देने की तैयारी को सभी ने गलत ठहराया। इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ेगा। अगस्त में स्कूल खोलते ही बरसात जोर पर होने पर भी दिक्कतें पेश आएंगी। कहा कि ऐसे कुछ लोग छुट्टियों में फेरबदल करवाने में लगे हैं, जिन्होंने कई वर्षों से विद्यालय में जाकर भी नहीं देखा है। छुट्टियों में बदलाव होने से विद्यालयों के बनाए गए वार्षिक कैलेंडर पर भी असर पड़ेग। 23 या 24 जून को होने वाला शिक्षा संवाद भी नहीं हो पाएगा।
कुछ लोग बिना किसी ठोस कारण से विभाग को बिना मतलब से गुमराह कर रहे हैं। क्हा कि आज से पहले भी कई प्रकार के बदलाव किए गए हैं, परंतु किसी भी प्रकार बदलाव के करने से पहले विभाग प्रदेश के सभी संघों के साथ बैठक कर सभी विषयों पर चर्चा करता था। निष्कर्ष पर एक मत बनने पर उसे विभाग सरकार को मंजूरी को भेजता था। बैठक में संघ ने मांग उठाई है कि 350-400 पद मुख्याध्यापकों के विद्यालयों में खाली चल रहे है। इन्हें जल्द भरा जाए, ताकि इंतजार कर रहे अध्यापकों को भी पदोन्नति के अवसर प्राप्त हो सके।
बैठक में जिला प्रधान चंद्रकेश धीमान, प्रदेश उपाध्यक्ष रंजीत सिंह, जिला मुख्य सलाहकार नरेश कुमार शर्मा, अश्वनी कुमार, ओम प्रकाश धीमान, ज्ञान चंद, जसविंद्र सिंह, राजिंद्र कौशल और अन्य ने उम्मीद जताई है कि सरकार मुख्याध्यापकों और प्रवक्ताओं की पदोन्नति सूची निकालने के साथ छुट्टियों में कोई बदलाव नहीं करेगी।