आईजीएमसी के बाद नालागढ़ में खुला दूसरा ब्लड सेपरेशन सेंटर
उद्योग सीएसआर के तहत सेंटर में रखा आउटसोर्स पर स्टाफ
देवभूमि बन रही नशे की भूमि, नशे को भगाने को चलाएंगे अभियान
नालागढ़ में ब्लड सेपरेशन सेंटर शुभारंभ पर बोले राज्यपाल
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़(सोलन)। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि प्रदेश के सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन को जिस तरह से रेडक्राॅस साेसायटी को सहयोग मिलना चाहिए था वह नहीं मिल रहा। उन्होंने उद्योगपतियों से कहा कि रेडक्राॅस साेसायटी पीड़ितों व सेवा की भावना से कार्य करती है और उद्योग अपने सीएसआर के तहत सोसायटी को सहयोग करना चाहिए। नालागढ़ में आईजीएमसी के बाद प्रदेश का दूसरा ऐसा स्थान बना है जहां पर रक्त घटक पृथक्कीकरण इकाई काम करेगी। यहां पर ब्लड के साथ साथ रेड सेल, प्लाजमा व प्लेटलेट्स भी अलग अलग किए जाएंगे। वह नालागढ़ के सीएचसी में रक्त घटक पृथक्कीकरण इकाई के शुभारंभ अवसर पर बोल रहे थे।
उन्होंने कहा स्थानीय विधायक व उपायुक्त से चर्चा की है कि उद्योगों के साथ मिल कर यहां पर आउटसोर्स पर स्टाफ तैनात किए जाएं, जो उद्योग यहां पर कार्य करते हैं, उनकी जिम्मेदारी है कि वह अपना सीएसआर फंड को रेडक्राॅस पर व्यय करें। सेवा की दृष्टि से देखें तो अस्पताल के बाद रेडक्राॅस साेसायटी ही मानव सेवा के लिए अपने आप को प्रेरित करता है।
उन्होंने कहा कि देव भूमि अब नशे की भूमि बनती जा रही है। जिस देश के युवा नशे में संलिप्त है उस देश का भविष्य कैसा होगा इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। प्रधानमंत्री ने उन्हें नशे को हिमाचल से समाप्त करने के कहा है। इसके लिए वह पिछले दो साल से प्रयासरत हैं, लेकिन अभी तक उन्हें सफलता नहीं मिली है। वह अब गांव में महिलाओं, युवाओं, पंचायत प्रतिनिधियों व विद्यार्थियों को साथ लेकर नशे को हिमाचल से भगाने का प्रयास करेंगे। वह प्रदेश में एक नशा मुक्ति केंद्र खोलने की भी सीएम से मांग करेंगे।