मैहतपुर (ऊना)। स्थानीय नगर परिषद के वार्ड दो में पानी के टैंक के निकट सप्ताह में दो दिन सोमवार और शुक्रवार को लगने वाली किसान सब्ज़ी मंडी कुछ दिनों तक रेहड़ी मुक्त रही।
अब फिर से किसान सब्ज़ी मंडी में रेहड़ी वालों ने कब्जा जमा लिया है। चलते-फिरते सामान बेचने के नगर परिषद के नियमों को ठेंगा दिखाते हुए इन रेहड़ी वालों ने एक बार फिर यह साबित करने का प्रयास किया है कि इनके आगे कायदे कानून कुछ दिनों तक ही टिक पाते हैं।
लोगों की मानें तो कहने को तो यह किसान सब्ज़ी मंडी है लेकिन यहां पंजाब से आकर रेहड़ी वाले दो दिन पक्के अड्डे जमा लेते हैं। इस कारण कई स्थानीय किसानों को बैठने की जगह तक नहीं मिलती। लोगों ने सवाल उठाया है कि जब नगर परिषद क्षेत्र में रेहड़ी वालों को एक स्थान पर खड़े रहकर किसी भी प्रकार का सामान बेचने की अनुमति ही नहीं है तो फिर इतनी रेहड़ियां किसकी अनुमति से खड़ी हो रहीं हैं।
पिछले कुछ दिनों तक किसान सब्ज़ी मंडी पूरी तरह से रेहड़ी मुक्त हो गई थी लेकिन अब फिर से पंजाब से आने वाली रेहड़ियां न केवल किसान सब्ज़ी मंडी, बल्कि मुख्य बाजार से लेकर रेलवे रोड, भटोली रोड पर भी सजने लगीं हैं। बड़ा सवाल यह कि स्थानीय नगर परिषद की अपने ही नियमों की धज्जियां उड़ते हुए देखते रहने की आखिर क्या मजबूरी है।
किसान सब्ज़ी मंडी में आने वाले देहलां के राजीव मेनन, विनोद कुमार, लमलेहड़ा के शिव कुमार, मोरबड़ से राम कुमार तथा स्थानीय बाजार के कई लोगों ने कहा कि किसान सब्ज़ी मंडी में रेहड़ी वालों को खड़े होने की अनुमति कौन दे रहा है। इस मसले पर स्थानीय नगर परिषद को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
नगर परिषद के सूत्रों से पता चला है कि पिछले कुछ समय से स्थानीय नगर परिषद में स्थायी ईओ ही नहीं है।
सुंदरनगर में ईओ का कामकाज देख रहे ललित कुमार को मैहतपुर नगर परिषद का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया। ऐसे में स्थानीय नगर परिषद के कामकाज की स्थिति क्या होगी यह भली भांति समझा जा सकता है।