हॉकी कोच के तबादले के बाद ठप पड़ी नियमित कोचिंग, जूडो खिलाड़ियों को भी नहीं मिला प्रशिक्षक
प्रशिक्षक न होने के कारण उन्हें स्वयं ही अभ्यास कर रहे खिलाड़ी
सोहन चौधरी
ऊना। इंदिरा खेल मैदान ऊना में खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा है। हॉकी कोच आशीष सेन के तबादले के बाद मैदान में हॉकी खिलाड़ियों के लिए नियमित कोचिंग व्यवस्था ठप हो गई है, जबकि जूडो खेल के लिए भी अब तक कोई स्थायी कोच नियुक्त नहीं किया गया है। इससे खिलाड़ियों और अभिभावकों में निराशा बढ़ती जा रही है।
खिलाड़ियों राजेश कुमार, विपन कुमार, रवि कुमार और योगेश शर्मा ने बताया कि प्रशिक्षक न होने के कारण उन्हें स्वयं ही अभ्यास करना पड़ रहा है, जिससे उनकी तकनीक और प्रदर्शन प्रभावित हो रहा है। कई खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन उचित मार्गदर्शन के अभाव में उनका भविष्य प्रभावित होने की आशंका है।
स्थानीय खेल प्रेमियों बलवीर सिंह, विक्रम सिंह, राम सिंह और बहादुर ने बताया कि पहले हॉकी कोच आशीष सेन खिलाड़ियों को नियमित प्रशिक्षण देते थे, जिससे कई खिलाड़ियों ने बेहतर प्रदर्शन किया। हालांकि उनके तबादले के बाद हॉकी गतिविधियां कमजोर पड़ गई हैं। वहीं, जूडो खिलाड़ियों को भी लंबे समय से प्रशिक्षक मिलने का इंतजार है।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी खेल में सफलता के लिए अनुभवी कोच की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। देशभर में कई खेल मैदानों में कोचों की कमी खिलाड़ियों की प्रगति में बड़ी बाधा बन रही है।
अब खिलाड़ियों और अभिभावकों ने प्रदेश सरकार और खेल विभाग से मांग की है कि इंदिरा खेल मैदान ऊना में जल्द हॉकी और जूडो कोच की नियुक्ति की जाए, ताकि खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण मिल सके और उनका भविष्य सुरक्षित हो।
उधर, खेल अधिकारी प्रिंस पठानिया ने कहा कि विभाग को विभिन्न खाली पड़े कोच पदों के बारे में अवगत करवा दिया गया है और जल्द ही खिलाड़ियों की मांग पूरी करने का प्रयास किया जाएगा। संवाद