नारी (ऊना)। हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ जिला ऊना अध्यक्ष दविंदर सिंह, महासचिव शशि पाल सैनी, राकेश मल्होत्रा कार्यकारी अध्यक्ष, विकास रत्न, राजन शर्मा, संदीप सैनी, अशोक कुमार, अमित कुमार, वरुण लखनपाल, सुनील कुमार, संजीव बग्गा, राजेश बंसल समेत अन्य प्रवक्ताओं ने युक्तिकरण नीति का विरोध किया। वहीं, प्रेस बयान जारी कर सरकार से मांग की है कि युक्तिकरण के पुराने नियमों में आज के समय अनुसार उचित बदलाव किया जाए। पुराने समय में वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला की संख्या बहुत कम होती थी, जिसके कारण साथ लगते कई गांवों के बच्चे एक ही स्कूल में पढ़ते थे और उसी के हिसाब से बच्चों की संख्या पर अध्यापकों का अनुपात निर्धारित किया जाता था। लेकिन आज के समय बच्चों की सहूलियत के लिए सरकार ने हर दूसरे से तीसरे गांव में वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खोल दिए हैं, लेकिन अध्यापकों का अनुपात बच्चों की संख्या के हिसाब से वही रखा है। ऐसे ही कुछ वाक्य जिला ऊना के विद्यालय में भी आ रहे हैं। यहां ग्यारहवीं कक्षा में अंग्रेजी विषय के 87 बच्चे और कक्षा 12 में करीब 60 -70 बच्चे हैं। जिन्हें पुराने नियमों अनुसार केवल एक ही अध्यापक पढ़ाएगा, लेकिन पहले कभी जहां पर बच्चों की संख्या 100 से अधिक थी और उसके लिए दो अध्यापक बच्चों के लिए रखे गए थे।
हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ जिला ऊना ने सरकार से मांग की है कि आज की यथास्थिति को देखते हुए पुराने नियमों में बदलाव किया जाए और विद्यार्थियों के अनुपात को कम किया जाए। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस युक्तिकरण नीति में बदलाव किया जाए।