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Una News: झुग्गी पर पलटा मिट्टी से भरा टिपर, दबने से मां-बेटी की माैत

Mon, 05 Oct 2026 11:56 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
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हादसे में मां बेटी और जांच करते पुलिस अधिकारी। संवाद।
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टाहलीवाल (ऊना)। हरोली क्षेत्र के बाथड़ी में रविवार शाम मिट्टी से भरा टिपर सड़क के किनारे करीब 10 फीट नीचे बनी प्रवासी मजदूरों की झुग्गी पर पलट गया। हादसे में झुग्गी में मौजूद रिंकू देवी (40) और उनकी छह वर्षीय बेटी कोमल कुमारी की मलबे में दबने से मौत हो गई।
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हादसे के बाद टिपर चालक मौके से भाग गया। बताया जा रहा है कि टिपर क्रशर के डंप पर मिट्टी लेकर जा रहा था। चढ़ाई पर चढ़ते समय वह अचानक पीछे की ओर आ गया और सड़क किनारे झुग्गी पर जा गिरा।
हादसे के समय रिंकू देवी और उनकी बेटी रसोई में थीं। परिवार के अन्य बच्चे बाहर थे। अचानक हुए हादसे में किसी को संभलने का मौका नहीं मिला।
मृतका की बड़ी बेटी सुधा ने बताया कि हादसे के बाद मां और छोटी बहन मलबे के नीचे दब गई थीं। दोनों कुछ देर तक तड़पती रहीं लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
सूचना मिलते ही डीएसपी हरोली मोहन रावत और थाना प्रभारी टाहलीवाल अनिल कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी। डीएसपी मोहन रावत ने बताया कि घटना की पूरी जांच की जा रही है। दोनों शव जिला अस्पताल भेजे गए हैं। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे।
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झुग्गियां किराये पर देने वालों की भी होगी जांच
हादसे के बाद प्रवासी मजदूरों की झुग्गियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठे हैं। डीएसपी मोहन रावत ने कहा कि स्थानीय लोगों की ओर से झुग्गियां बनाकर किराये पर देने के मामले की भी जांच की जाएगी। नियमों का उल्लंघन मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। क्रशर मालिक की भूमिका और परिसर में मिट्टी ढुलाई व टिपरों की आवाजाही से जुड़े सुरक्षा इंतजामों की भी जांच होगी। लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
दस साल से बाथड़ी में रह रहा था परिवार
रिंकू देवी का परिवार मूल रूप से बेगूसराय, बिहार का रहने वाला बताया जा रहा है। परिवार करीब 10 वर्षों से बाथड़ी में रह रहा था। रिंकू देवी के पति राधेश्याम मजदूरी करते हैं। परिवार में कई बच्चे हैं। छह वर्षीय कोमल दूसरे नंबर की बेटी थी।
झुग्गियों की सुरक्षा और भारी वाहनों पर उठे सवाल
हादसे ने प्रवासी मजदूरों की झुग्गियों की सुरक्षा, उन्हें किराये पर दिए जाने और क्रशर क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस जांच में झुग्गियों की स्थिति, सुरक्षा इंतजाम और हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। हादसे की जिम्मेदारी जांच पूरी होने के बाद ही तय होगी।
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