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Una News: प्राथमिक स्कूलों में स्मार्ट कक्षाएं बढ़ाईं, अध्यापक नहीं बढ़ाए

Mon, 15 Apr 2024 01:58 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
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स्कूलों में 50 फीसदी से अधिक अध्यापकों के पद खाली, कुछ पद भरकर की जा रही खानापूर्ति
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खाली पदों के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा असर
संवाद न्यूज एजेंसी

ऊना। जिला के सरकारी स्कूलों में अध्यापकों के खाली पद सबसे बड़ी समस्या बने हुए हैं। छठी से बारहवीं कक्षा तक तो जैसे-तैसे काम चलाया जा रहा है, लेकिन सबसे बड़ी चुनौती प्राथमिक स्कूलों में पेश आ रही है। यहां पांच से सात कक्षाओं को एक से तीन अध्यापक संभाल रहे हैं। स्कूलों में यह स्थिति ऐसे समय में है, जब जिले के अधिकतर स्कूलों में स्मार्ट कक्षाएं तैयार की गई हैं, लेकिन अध्यापकों की कमी के कारण ऐसी कक्षाएं सफेद हाथी के अलावा कुछ नहीं हैं।
जानकारी के अनुसार जिले के प्राथमिक स्कूलों में अध्यापकों के करीब 300 पद खाली हैं। वर्तमान में जिले के 498 प्राथमिक स्कूलों में लगभग 1100 अध्यापक सेवाएं दे रहे हैं, जबकि यह संख्या अगर 1400 से 1500 के आसपास हो, तब व्यवस्था संचालन उचित तरीके से हो पाएगा। वहीं, स्मार्ट कक्षाओं की बात करें तो वर्तमान में 101 स्मार्ट कक्षाएं जिला के स्कूलों में तैयार हैं और यह संख्या 150 तक करने के लिए प्रक्रिया चल रही है, लेकिन इसके लिए नए अध्यापकों की नियुक्ति कब होगी, इसकी तस्वीर साफ नहीं है।
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उधर, करीब 70 प्राथमिक स्कूल ऐसे हैं, जहां एकल अध्यापक ही सारी व्यवस्था देख रहा है। वहीं, कई स्कूलों में प्रबंधन या समाजसेवियों ने अपने स्तर पर अध्यापकों को वेतन पर रखा है, ताकि बच्चों की पढ़ाई पर असर न हो। हालांकि बीते साल जेबीटी अध्यापकों के 60 पद भरे गए। स्कूलों में अध्यापकों के भारी टोटे के समक्ष यह नियुक्तियां भी नाकाफी साबित हुईं। जिला प्राथमिक शिक्षा संघ के अध्यक्ष राकेश शर्मा व महासचिव सत्येंद्र मिन्हास सहित अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि स्मार्ट कक्षाओं की संख्या बढ़ाने का फायदा तभी है, जब नए अध्यापक आएंगे। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या लगातार कम हो रही है। इसका मुख्य कारण अध्यापक न होना है।
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कोट्स
अध्यापकों की नियुक्ति को लेकर उच्चाधिकारियों के दिशा-निर्देशों को तत्काल प्रभाव से पालन किया जाता है। अगर भविष्य में नई नियुक्तियों को लेकर कोई फैसला आता है, तो उस अनुसार कदम उठाए जाएंगे। सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाना विभाग का प्रथम लक्ष्य है।
देवेंद्र चंदेल, उपनिदेशक, जिला प्रारंभिक शिक्षा विभाग
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