ऊना। ग्रीन हिमाचल का नारा देने वाली सरकार निजी स्तर पर इलेक्ट्रिक बसों के संचालन में सुस्त रवैया अपना रही है। बीते वर्ष के अंत में जिला ऊना में निजी इलेक्ट्रिक बसों को चलाने के लिए आवेदन प्रक्रिया को खत्म कर लिया गया था। इलेक्ट्रिक बसें चलाने के लिए जिले के 10 लोगों ने आवेदन किया था। इन 10 आवेदकों में से दो का चयन किया जाना था। मगर इस वर्ष जुलाई भी खत्म होने को है, लेकिन आवेदनों का चयन नहीं हो सका है।
चयन प्रक्रिया पूरी न होने के कारण जिला ऊना में निजी स्तर पर इलेक्ट्रिक बसों को चलाने की योजना अभी भी धरातल पर नहीं उतर सकी है। इस योजना के तहत जिला स्तर पर दिसंबर 2023 तक दो रूटों पर निजी स्तर पर बसें चलाने की प्रक्रिया को पूरा किया गया था। इन रूटों में चिंतपूर्णी से ऊना और बद्दी से ऊना रूटों को शामिल किया गया था।
परिवहन विभाग ने इन रूटों पर आवेदन मांगे थे, जिसमें दस लोगों ने आवेदन किया था। इसके बाद निगम के उच्च अधिकारियों और निदेशालय स्तर पर दो आवेदकों का चयन किया जाना था, लेकिन इस प्रक्रिया को अभी तक पूरा नहीं किया जा सका है। यह स्थिति न केवल सरकारी योजनाओं की सुस्त प्रगति को उजागर करती है, बल्कि उन लोगों की उम्मीदों पर भी पानी फेरती है, जो योजनाओं का लाभ लेने की आस लगाए बैठे हैं।
32 सीटर होंगी इलेक्ट्रिक बसें
जिला ऊना में पहली बार निजी स्तर पर 32 सीटर इलेक्ट्रिक बसें चलाने के लिए मंजूरी दी गई थी। इससे पूर्व एचआरटीसी ऊना की तरफ से इलेक्ट्रिक टैक्सी राइड विद प्राइड की सुविधा मिल रही है। निजी स्तर जिले में पहली बार इलेक्ट्रिक बसों को चलाया जाना है।
जिले में निजी स्तर पर दो रूटों पर इलेक्ट्रिक बसों का संचालन करने के लिए बीते वर्ष दस आवेदन आए हैं। इस प्रक्रिया अब किन दो आवेदकों को चुनना है, वह निदेशालय स्तर पर ही चयन किया जाना है।
- अशोक कुमार कलसी, आरटीओ, ऊना