ऊना। कौशल विकास भत्ते की नियमित अदायगी और आवेदन जमा करने की मांग को लेकर शुक्रवार को निजी प्रशिक्षण संस्थानों के करीब 100 प्रशिक्षुओं ने ऊना मुख्यालय में जोरदार रोष रैली निकाली। एमसी पार्क ऊना से लघु सचिवालय तक निकाली गई इस रैली में प्रशिक्षुओं ने रोजगार विभाग और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
रोष रैली के दौरान प्रशिक्षुओं ने ऊना धर्मशाला राष्ट्रीय राजमार्ग पर रोष रैली निकालते हुए अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी भी की। प्रशिक्षुओं का कहना है कि वर्ष 2013 से शुरू की गई कौशल विकास भत्ता योजना का लाभ उन्हें नहीं मिल पा रहा है, जबकि वे सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त निजी संस्थानों में कंप्यूटर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
पिछले आठ महीनों से भत्ता रुका हुआ है और रोजगार विभाग उनके फार्म स्वीकार नहीं कर रहा। इससे उनकी पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा है। प्रशिक्षुओं ने बताया कि वे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से ताल्लुक रखते हैं और यही भत्ता उनकी पढ़ाई की बड़ी मदद है। अब संस्थान संचालक फीस की मांग कर रहे हैं और कोर्स बंद करने की बात कह रहे हैं, जिससे उनकी शिक्षा अधर में लटक गई है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि रोजगार कार्यालय में उनके फार्म तत्काल स्वीकार किए जाएं और उन्हें योजना के तहत लंबित भत्ते का भुगतान किया जाए। इस अवसर पर मोहित, जतिन, हरमन, निशा, तान्या, वेदिका, निखिल, अंशु, प्रियंका, खुशबू, सिमरन, रीता, अंजलि, रमा, सुमन, प्रिया, रीमा, मंजू, काजल, बबीता, सुनीता, शिखा व सोनिया सहित कई छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।