संवाद न्यूज एजेंसी
संतोषगढ़ (ऊना)। हिमाचल-पंजाब सीमा पर संतोषगढ़ में स्वां नदी में चल रहे अवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई के बाद एसआईटी ने भी छानबीन में शुरू कर दी। पता लगाया जा रहा है कि अवैध खनन का काला कारोबार कितने साल से चलाया जा रहा था। अवैध तरीके से रेत निकालने वाले लोगों के इस ठिकाने पर पहले भी पुलिस की दबिश होती रही है, लेकिन बड़ी सफलता हाथ नहीं लग पाई।
पुलिस की ओर से गठित एसआईटी की जांच में सामने आया है कि गढ़शंकर (पंजाब) और दूसरे इलाकों के लोग खनन के काम में स्थानीय लोगों का सहयोग करते थे। खनन माफिया पर पुलिस की ओर से की गई दबिश में जिन लोगों को पकड़ा गया है, उनमें से भी अधिकांश लोग पंजाब से ही संबंधित हैं। पुलिस खनन मामले पर यह भी पता लगाने में जुटी हुई है कि हिमाचल-पंजाब की सीमा पर संतोषगढ़ व आसपास के क्षेत्र में कितने और लोग अवैध तरीके से खनन का काम करते आ रहे हैं। खनन माफिया पर बड़ी गुप्त छापामारी से कई सालों से रेत के अवैध खनन में जुटे लोगों के नाम सामने आ सकते हैं। वहीं एसआईटी भी इस मामले की तह तक पहुंचने में लगी हुई है।
बुधवार देर रात पुलिस की ओर से की गई इस छापामारी से अवैध तरीके से रेत खनन से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस की छापामारी में अवैध खनन के लिए प्रयोग की जा रही मशीनरी में एक पोकलेन, दो जेसीबी मशीनों सहित नौ टिपर व सात ट्रैक्टर-ट्रालियां भी जब्त की गई है।
एसआईटी प्रमुख व डीएसपी मुख्यालय अंकित शर्मा का कहना है कि अवैध रेत खनन मामले में जांच पड़ताल की जा रही है। अवैध खनन करने वाले माफिया के नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। जिसमें पंजाब के लोगों के भी जुड़े होने की बातें सामने आई है। अवैध खनन मामले में ओर भी कई नाम सामने आ सकते हैं। सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है।