ऊना। माथे पर न सजती बिंदिया, हाथों में नहीं खनकती चूड़ियां और त्योहारों पर भी खुशियों से दूरी... जीवनसाथी को खोने के बाद कई महिलाओं की जिंदगी में समाज की ऐसी बंदिशें लग जाती हैं, जिनका दर्द शायद ही कोई समझ पाए। ऊना में एकल नारी शक्ति संगठन ने इस सोच को चुनौती देते हुए सफेद रंग में खुशियों के सात रंग भर दिए। एमसी पार्क में एकल महिलाओं ने साथ बैठकर करवाचौथ पर्व मनाया। किसी ने हाथों में मेहंदी रचाई तो किसी ने चूड़ियां पहनीं।
एकल नारी शक्ति संगठन की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में जिलेभर से करीब 30 महिलाओं ने भाग लिया।
कृषि सहकारी सभा की जिला अध्यक्ष कांता शर्मा ने बताया कि यह आयोजन केवल करवाचौथ मनाने तक सीमित नहीं है बल्कि इसके माध्यम से समाज को एक संदेश देना भी है। किसी महिला के जीवनसाथी का साथ छूट जाने से उसकी इच्छाएं, खुशियां और सम्मान के साथ जीने का अधिकार खत्म नहीं हो जाता। उसे भी सजने-संवरने, त्योहार मनाने और जिंदगी को अपने रंगों में जीने का पूरा हक है। समाज में एकल महिलाओं शृंगार करने और त्योहार मनाने को लेकर बनी रूढ़िवादी सोच के बीच यह आयोजन उनके लिए खुशियां बांटने का अवसर बना।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में महिलाओं ने एक-दूसरे के हाथों पर मेहंदी लगाई, चूड़ियां पहनाईं और सरगी बांटकर त्योहार की खुशियां साझा कीं। आठ वर्षों से संगठन लगातार इस परंपरा को निभा रहा है, ताकि महिलाएं बिना किसी सामाजिक दबाव के अपनी जिंदगी में खुशियों को जगह दे सकें। कार्यक्रम में परवीन कुमारी, सीता देवी, नरेश कुमारी, उर्मिला देवी, शकरी देवी, संतोष कुमारी, सरोज देवी, वंदना, रजनी देवी, अनीता, इंदु, कमला, अंकु, श्रेया, संजू और पूजा सहित अन्य महिलाएं मौजूद रहीं।