फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Una News: जिले में हृदय रोग विशेषज्ञ की कमी गंभीर चुनौती

विज्ञापन
विज्ञापन
लाखाें की आबादी वाले जिले में सरकारी स्तर पर एक भी विशेषज्ञ नहीं
विज्ञापन


ह्रदय घात होने पर पीजीआई पहुंचने पहले ही कई मरीजों का हो जाता है निधन
बुजुर्गों ने विशेषज्ञ की तैनाती उठाई मांग, कहा समय के साथ सुविधाओं में हो बढ़ौतरी
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले की करीब सात लाख की आबादी के लिए सरकारी स्तर पर एक भी हृदय रोग विशेषज्ञ (कार्डियोलॉजिस्ट) नहीं है। ऐसे में मरीजों को मजबूरी में निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है या फिर 120 किलोमीटर दूर पीजीआई चंडीगढ़ जाना पड़ता है।


जिले में कई बार सरकार और संबंधित विभाग से विशेषज्ञ की तैनाती की मांग उठाई गई है। लेकिन बार-बार यह कहकर पल्ला झाड़ दिया जाता है कि कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती केवल मेडिकल कॉलेजों में ही संभव है। वर्षों के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं के दायरे में विस्तार नहीं किया गया, जबकि जिले में करोड़ों रुपये खर्च कर अस्पतालों के भवन स्थापित किए गए हैं।
विज्ञापन




यदि जिला ऊना में किसी को हृदयाघात होता है तो स्थानीय अस्पताल उसे उचित उपचार देने में असमर्थ है। इस कारण मरीजों के पास केवल निजी अस्पतालों या पीजीआई चंडीगढ़ का रुख करने का विकल्प बचता है। ऊना से पीजीआई की दूरी लगभग 120 किलोमीटर है। हृदयाघात की स्थिति में मरीज अक्सर पीजीआई पहुंचने से पहले ही रास्ते में दम तोड़ देते हैं।



जीआर वर्मा, अध्यक्ष वरिष्ठ नागरिक फोरम ऊना कहते हैं -सरकार नई योजनाओं के माध्यम से विकास के अनेक क्षेत्र में काम कर रही है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग को भी अपने दायरे का विस्तार करना चाहिए। आज हर उम्र वर्ग के लोग हृदय रोग की चपेट में आ रहे हैं। कम से कम जिले के सबसे बड़े अस्पताल में तो हृदय रोग विशेषज्ञ तैनात होना चाहिए। सरकार और विभाग को इस विषय पर गंभीरता से विचार करना होगा।

रत्न चंद निवासी ऊना बताते हैं कि जिले के सबसे बड़े अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती अब समय की मांग बन गई है। बीते कुछ वर्षों में हार्ट अटैक के मामले बढ़े हैं। ऐसे में आपातकालीन स्थिति में सरकारी स्तर पर कोई सुविधा उपलब्ध नहीं होती। मरीजों को पीजीआई चंडीगढ़ के लिए रेफर किया जाता है, कई मामलों में तो मरीज चंडीगढ़ पहुंचने से पहले ही रास्ते में ही जीवन गंवा देते हैं।
विज्ञापन

डॉ. संजय मनकोटिया चिकित्सा अधीक्षक क्षेत्रीय अस्पताल ऊना, कहते हैं कि कार्डियोलॉजिस्ट की सुविधा वर्तमान में केवल मेडिकल कॉलेज और बड़े स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध है। उच्च अधिकारियों को विशेषज्ञ की तैनाती के लिए सूचित किया गया है। विभाग अस्पतालों में तैनाती करता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें