फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Una News: दुकानदारों का कारोबार चौपट, गगरेट बस अड्डे पर नहीं रुक रहीं बसें

विज्ञापन
विज्ञापन
पुराने ढर्रे पर लौटी ट्रैफिक व्यवस्था, दुकानदार परेशान
विज्ञापन

बसों की अनधिकृत आवाजाही से फैली यातायात अव्यवस्था
दुकानदारों ने कहा- बस अड्डे में नहीं जुटती भीड़, हो रहा नुकसान


संवाद न्यूज एजेंसी
घनारी (ऊना)। गगरेट में ट्रैफिक व्यवस्था चरमराने लगी है। करोड़ों की लागत से बना अत्याधुनिक आईएसबीटी (बस अड्डा) फिर से सफेद हाथी साबित हो रहा है। शहर के मुख्य चौक पर बसों की अनधिकृत आवाजाही ने न केवल यातायात अव्यवस्था को बढ़ावा दिया है, बल्कि बस अड्डे में दुकानें चला रहे व्यापारियों की उम्मीदों पर भी पानी फेर दिया। हालात ये हैं कि अधिकतर निजी और कुछ सरकारी बसें सीधे बस अड्डे जाने के बजाय मुख्य चौक या अस्पताल के पास ही सवारियों को उतार-चढ़ा रही हैं। ऐसे में बस अड्डे की दुकानों तक न तो यात्री पहुंच रहे हैं और न ही आम ग्राहक। इससे वहां कारोबार ठप पड़ गया है। बस अड्डे की दुकानदार यूनियन के पदाधिकारी सतीश शर्मा, अशोक कुमार और मनीष कुमार ने बताया कि बसें जब तक बस अड्डे में नहीं जाएंगी, यहां ग्राहक नहीं आएंगे। हमने लाखों रुपये खर्च कर यहां दुकानें ली थीं, लेकिन अब यहां सन्नाटा है और चौक पर भीड़।
कुछ माह पहले एसडीएम गगरेट के निर्देश पर नायब तहसीलदार की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की गई, जिसे बसों की आवाजाही को बस अड्डे तक सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। शुरुआती दिनों में इस कमेटी ने कड़ी कार्रवाई की, जिससे कुछ समय के लिए बसें बस अड्डे में जाने लगीं और वहां रौनक लौट आई। अब कमेटी की सक्रियता खत्म हो गई है और बसें फिर से अपने पुराने ढर्रे पर लौट आई हैं। दुकानदारों का कहना है कि अगर प्रशासन सख्ती से नियम लागू करे तो बसें बस अड्डे में जाएंगी और यात्रियों को भी सुविधा मिलेगी। कहा कि चौक पर बसें रोकने से ट्रैफिक जाम होता है, दुर्घटना का खतरा बढ़ता है और शहर की छवि भी खराब होती है।
विज्ञापन

बॉक्स
दुकानदार एसोसिएशन ने दी चेतावनी
दुकानदार एसोसिएशन ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द बसें बस अड्डे पर ही रोकने के सख्ती से आदेश लागू करवाए जाएं, नहीं तो दुकानदार आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वह जिला प्रशासन तक अपनी बात लेकर जाएंगे।
विज्ञापन


स्थानीय नागरिकों की भी मांग – व्यवस्था हो बहाल
स्थानीय नागरिकों मनीष शर्मा, रवि डढवाल, मुनीश ठाकुर, राजू लखनपाल, राजेश लखनपाल, वंश ठाकुर ने भी ट्रैफिक अव्यवस्था और बस अड्डे की अनदेखी पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि गगरेट जैसे कस्बे में करोड़ों खर्च कर बनाया गया बस अड्डा सिर्फ दिखावे का न बनकर वास्तव में उपयोग में आए, इसके लिए प्रशासन को तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करनी चाहिए।
एक बार फिर से पूरी टीम सहित निरीक्षण किया जाएगा और समस्या का हल किया जाएगा।
जागृति राठौर, नायब तहसीलदार।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें