बड़ूही (ऊना)। उपमंडल अंब में टकारला स्कूल के समीप सड़क का तीखा मोड़ और संकरा रास्ता स्कूली बच्चों तथा राहगीरों के लिए खतरा बन गया है। सड़क किनारे पैदल चलने के लिए जगह तक नहीं है। तेज रफ्तार से गुजरते वाहनों के बीच बच्चों को जान जोखिम में डालकर सड़क पर चलना पड़ रहा है। सुबह स्कूल खुलने और दोपहर को छुट्टी के समय यहां दुर्घटना का खतरा सबसे अधिक बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों तरलोक चंद, प्रकाश चंद, शिव कुमार के अनुसार सड़क पर यातायात का दबाव लगातार बढ़ा है। धर्मशाला और कांगड़ा से ऊना-चंडीगढ़ तथा दूसरी ओर जाने वाले छोटे-बड़े वाहन इसी रास्ते से गुजरते हैं। इसके बावजूद स्कूल के समीप बच्चों की सुरक्षा को लेकर बुनियादी इंतजाम तक नहीं किए गए। सड़क का तीखा मोड़ वाहन चालकों के लिए भी परेशानी का कारण है। मोड़ पर सामने से आने वाला वाहन दिखाई नहीं देता और सड़क संकरी होने के कारण दो वाहनों के एक साथ गुजरने पर पैदल चलने वालों के लिए जगह ही नहीं बचती।
ग्रामीण दविंदर सिंह ने कहा कि सुबह और छुट्टी के समय बच्चों को इस सड़क पर चलने में काफी खतरा रहता है। विभाग से जल्द सड़क चौड़ी करने और पैदल रास्ता बनाने की मांग है।
ग्रामीण राज कुमार शर्मा ने कहा कि यातायात बढ़ने के बावजूद स्कूल के पास सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं। किसी हादसे का इंतजार करने के बजाय विभाग को तुरंत स्थायी समाधान करना चाहिए।
जल्द किया जाएगा सुधार
लोक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता सुरजीत कुमार ने कहा कि समस्या उनके ध्यान में आई है। इसके समाधान के लिए जल्द ही सड़क की हालत में सुधार किया जाएगा।