ग्राम पंचायत या नगर पंचायत से व्यापारी बना सकेंगे लाइसेंस
संवाद न्यूज एजेंसी
गगरेट (ऊना)। प्रदेश में अब सिगरेट, बीड़ी और अन्य तंबाकू उत्पादों का खुदरा व्यापार बिना लाइसेंस नहीं किया जा सकेगा। बिना लाइसेंस तंबाकू उत्पाद बेचने पर एक लाख रुपये तक जुर्माना और एक वर्ष तक की कैद का प्रावधान है।
खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. पंकज पराशर ने तंबाकू उत्पादों का कारोबार करने वाले व्यापारियों से आग्रह किया है कि वे संबंधित ग्राम पंचायत या नगर पंचायत से तंबाकू बिक्री का लाइसेंस अवश्य प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि बिना लाइसेंस तंबाकू उत्पाद बेचते पाए जाने पर कोई अपील या दलील स्वीकार नहीं की जाएगी।
डॉ. पराशर ने बताया कि प्रदेश सरकार ने तंबाकू उत्पादों के खुदरा व्यापार पर नियंत्रण के लिए विनिमय अधिनियम 2016 के तहत कड़े प्रावधान लागू किए हैं। इस अधिनियम के अनुसार, खुली सिगरेट, बीड़ी या अन्य तंबाकू उत्पाद बेचने पर 15 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है, जबकि बिना लाइसेंस इन उत्पादों की बिक्री करने पर एक लाख रुपये तक जुर्माना और एक वर्ष तक की कैद हो सकती है।
उन्होंने कहा कि तंबाकू उत्पादों से फैलने वाली घातक बीमारियों पर रोक लगाने के लिए प्रदेश सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। जल्द ही स्वास्थ्य विभाग की टीमें तंबाकू उत्पाद बेचने वाली दुकानों का निरीक्षण करेंगी, और बिना लाइसेंस बिक्री करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।