ऊना। अंब में प्रस्तावित नया बस अड्डा बनाने की योजना सिरे चढ़ती नजर नहीं आ रही है। भूमि के अभाव में सरकार इस योजना को ठंडे बस्ते में डालने की तैयारी में है। बीते छह माह से प्रशासन के आलाधिकारी भूमि की तलाश कर रहे हैं लेकिन अंब बस अड्डे के लिए उपयुक्त भूमि नहीं मिल रही। ऐसे में भूमि का चयन करने के लिए प्रशासन ने भी अपने हाथ खड़े कर दिए हैं। दरअसल नए बस अड्डे के निर्माण के लिए एचआरटीसी को एक एकड़ भूमि की चाहिए लेकिन इतनी भूमि अंब में नहीं मिल पा रही है। ऐसे में अंब के लोगों को नए बस अड्डे की सुविधा मिलना केवल वादों तक ही सीमित रह जाएगा। वर्तमान में अंब बस स्टैंड पहले ही जगह की भारी कमी से जूझ रहा है। कई बसों को राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे ही रुक कर सवारियां चढ़ानी और उतारनी पड़ रही हैं। इससे हर समय हादसे का खतरा बना रहता है। यात्रियों, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। अंब उपमंडल का बड़ा केंद्र है और यहां रोजाना हजारों यात्री आते-जाते हैं। यदि समय रहते व्यवस्था नहीं हुई तो आने वाले दिनों में यातायात दबाव और बढ़ेगा, जिससे अंब बस अड्डे की समस्या और गंभीर हो जाएगी।
पक्का परोह में चयनित भूमि नामंजूर
अंब क्षेत्र में नए बस अड्डे के निर्माण के लिए प्रशासन और परिवहन विभाग ने पक्का परोह क्षेत्र में भूमि का चयन किया था लेकिन जमीन की चौड़ाई में काफी कम थी। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) ने इसे यह कहते हुए नामंजूर कर दिया कि भूमि की चौड़ाई कम होने के कारण अड्डे के लिए भवन के निर्माण सहित मूलभूत सुविधाओं को मुहैया करवाने में दिक्कतें पेश आएंगी।
अंब में नया बस अड्डा बनाने के लिए उपयुक्त भूमि नहीं मिल पा रही है लेकिन फिर भी प्रयास जारी हैं। भूमि मिलने के बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
-सुदर्शन सिंह बबलू, विधायक चिंतपूर्णी
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पहले जो भूमि चयनित की थी, वह बस अड्डे के लिए उपयुक्त नहीं थी इसलिए उसे नामंजूर कर दिया। अब नई भूमि मिलेगी तो ही अंब में नए बस अड्डे का निर्माण हो पाएगा।
-सुरेश धीमान, उपमंडलीय प्रबंधक एचआरटीसी