ऊना। जिलावासियों को इन दिनों बुुखार बुरी तरह से जकड़ रहा है। यहां डेंगू से अधिक स्क्रब टायफस के मामले सामने आने लगे हैं। कई लोग अस्पताल में पहुंच रहे हैं। स्क्रब टायफस के प्रतिदिन औसतन छह मामले सामने आ रहे हैं।
बीते 53 दिन में स्क्रब टायफस के कारण 179 मरीज ऊना अस्पताल पहुंचे हैं। इस बुखार की जकड़ में अधिकांश खेतीबाड़ी करने वाले और पशुपालक आते हैं। डेंगू पर प्रबंध जैसे भी हों लेकिन स्क्रब टायफस को लेकर जागरुकता प्रबंध नाकाफी हैं। परिणामस्वरूप डेंगू के अलावा इन मामलों की संख्या में दिन प्रतिदिन इजाफा हुआ है। हालांकि, इस बुखार के कारण किसी की जान नहीं गई है। इस बुखार के कहर का सिलसिला दूसरे माह में भी बरप रहा है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को पुख्ता प्रबंध करने की जरूरत है।
53 दिन में यह रहा आंकड़ा
जिले में 15 से 30 सितंबर तक पहले 15 दिन में स्वास्थ्य विभाग ने 201 सैंपल जांचे। इनमें से 25 मरीजों में स्क्रब टायफस पाया गया। अक्तूबर में इस बुखार ने रफ्तार पकड़ी। 514 मरीजों के सैंपल लेने पर 113 पाजिटिव पाए गए। नवंबर के बीते सात दिन में 132 सैंपल जांचने पर 41 मरीज स्र्ब टायफस की जकड़ में आए हैं। अब तक कुल 179 मरीजों की पहचान हो चुकी हैं।
रोग फैलने के कारण:
स्क्रब टायफस का बुखार खतरनाक जीवाणु जिसे रिकटेशिया (संक्रमित माइट, पिस्सू) के काटने से फैलता है। यह जीवाणु लंबी घास और झाड़ियों में रहने
वाले चूहों के शरीर में होने वाले पिस्सुओं से पनपता है और इन पिस्सुओं के काटने से यह बीमारी होती है। बीमारी के होने का खतरा उन लोगों को
अधिक होता है, जो बरसात के दिनों में खेतीबाड़ी या कृषि संबंधी कार्य करने के लिए खेतों में जाते हैं।
ऐसे करें रोग से बचाव:
स्क्रब टायफस बीमारी से बचाव के लिए पूरी आस्तीन के कपड़े पहनकर खेतों में जाएं क्योंकि स्क्रब टायफस फैलाने वाला पिस्सू शरीर के खुले भागों को ही काटता है। घरों के आसपास खरपतवार आदि न उगने दें। शरीर की सफाई का विशेष ध्यान रखें। खुली त्वचा को सुरक्षित रखने के लिए चिकित्सीय परामर्श के अनुसार स्किन क्रीम का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
जिले में स्क्रब टायफस के मामलों पर नियंत्रण के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग ने जागरुकता और जांच पर जोर दे रहा है। अस्पताल में दाखिल मरीजों को उपचार भी दिया जा रहा है। जागरुकता और उपचार संबंधी प्रबंधों को आगे भी जारी रखा जाएगा।
-डॉ मंजू बहल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग ऊना।