ऊना। जिले में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खेतों में नमी तेजी से खत्म होने के कारण किसानों को फसलों को बचाने के लिए बार-बार सिंचाई करनी पड़ रही है। खासकर मक्का और हरी सब्जियों की फसलें गर्म हवाओं और तेज धूप के कारण सबसे अधिक प्रभावित हो रही हैं। किसानों का कहना है कि सामान्य दिनों में जहां चार से पांच दिन बाद सिंचाई करनी पड़ती थी, वहीं अब हर तीसरे दिन पानी देना मजबूरी बन गया है।
तेज गर्मी के चलते खेतों की मिट्टी तेजी से सूख रही है। इससे पौधों की बढ़वार प्रभावित होने लगी है। कई क्षेत्रों में सब्जियों की पत्तियां मुरझाने लगी हैं। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते अच्छी बारिश नहीं हुई तो उत्पादन पर असर पड़ सकता है। डीजल इंजन से सिंचाई करने वाले किसानों की परेशानी और अधिक बढ़ गई है। बार-बार सिंचाई के कारण डीजल की खपत बढ़ रही है, जिससे खेती की लागत में इजाफा हो रहा।
किसानों में अशोक कुमार, अश्वनी सैनी, अजय कुमार, वीरेंद्र सिंह, जीवन कुमार, अर्ष कुमार का कहना है कि बिजली से चलने वाले ट्यूबवेल की तुलना में डीजल इंजन से सिंचाई करना काफी महंगा पड़ रहा है। कई छोटे किसान बढ़ते खर्च के कारण चिंता में हैं। हालांकि मौसम के मौजूदा रुझान को देखते हुए आने वाले कुछ दिनों में बारिश की संभावना नजर नहीं आ रही है।
उपनिदेशक जिला कृषि विभाग डॉ. प्रेम ठाकुर ने बताया कि फसलों के बचाव को लेकर नियमित सिंचाई होना बेहद जरूरी है। इस समय तापमान 40 डिग्री पार कर चुका है। किसान फसल बचाव संबंधी किसी भी मार्गदर्शन व सुझाव के लिए विभाग के विशेषज्ञों की सलाह ले सकते हैं।