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Una News: जंगलों में आग की घटनाओं पर अब सीधे होगी एफआईआर

Wed, 10 Jun 2026 12:13 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
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ऊना। हिमाचल प्रदेश वन विभाग के अंतर्गत हमीरपुर वन वृत्त (जिसमें ऊना, हमीरपुर और देहरा वन मंडल शामिल हैं) में वन संपदा, जड़ी-बूटियों और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए नियमों को और अधिक सख्त कर दिया गया है। वन अरण्यपाल वन वृत्त हमीरपुर निशांत मंडोत्रा द्वारा जारी अधिसूचना के तहत, वर्ष 2026-27 के लिए वन अपराधों की नई शमन एवं मुआवजा दरें निर्धारित की गई हैं। जंगलों में आग पर सख्त कार्रवाई होगी। शरारत या लापरवाही से जंगलों में आग लगाने वाले मामलों का अब वन विभाग द्वारा शमन नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में सीधे पुलिस में एफआईआर दर्ज की जाएगी। वन क्षेत्र के 100 मीटर के दायरे में निजी भूमि या घासनी में आग लगाने पर 5,000 रुपये प्रति कनाल का जुर्माना लगाया जाएगा, जो दूसरी बार पकड़े जाने पर दोगुना हो जाएगा। वन मंडलाधिकारी विकल्प यादव ने बताया कि ये नई दरें पूरे वन मंडल में 1 जून 2026 से प्रभावी रूप से लागू कर दी गई हैं। अब वन क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पर भारी जुर्माना वसूला जाएगा और सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जिसमें मशीनरी और वाहनों की जब्ती व जुर्माना के तहत वन अपराधों में शामिल उपकरणों और वाहनों को छुड़ाने के लिए भारी शुल्क निर्धारित किए गए हैं। जिसमें पावर चेन-सॉ 25,000 रुपये, ट्रैक्टर 10,000 रुपये, ट्रक/भारी वाहन 20,000 रुपये, जेसीबी/बुलडोजर/अर्थमूवर पहली बार पकड़े जाने पर 30,000 रुपये और दूसरी बार में 60,000 रुपये वसूले जाएंगे।
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नए नियम के तहत ये होंगी दरें

देवदार, चीड़, खैर और चंदन जैसे मूल्यवान पेड़ों के अवैध कटान या उन्हें सुखाने पर न्यूनतम 500 रुपये प्रति घन मीटर जुर्माना लगेगा। इसके अलावा वन उपज का बाजार मूल्य अलग से वसूला जाएगा। खैर के ठूंठ उखाड़ने पर 500 रुपये प्रति ठूंठ जुर्माना देय होगा। अवैध खनन व मलबा डंपिंग के तहत वन क्षेत्र से बिना अनुमति रेत, पत्थर या बजरी निकालने पर 500 रुपये प्रति घन मीटर का जुर्माना लगेगा। इसी तरह, वन भूमि पर मलबा या अस्पताल व घरों का कचरा फेंकने पर 500 रुपये प्रति मामला और 2000 रुपये प्रति घन मीटर के हिसाब से जुर्माना देना होगा। औषधीय जड़ी-बूटियों के दोहन के तहत गुच्छी, नाग छतरी, जटामांसी, भोजपत्र, और अन्य बहुमूल्य औषधीय पौधों के अवैध निष्कर्षण पर प्रति मामला 500 रुपये का जुर्माना निर्धारित किया गया है। वन्यजीव अपराध के तहत वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत शिकार एवं अन्य अपराधों में शामिल वाहनों को छुड़ाने की दरें भी सख्त की गई हैं। हल्के मोटर वाहन के लिए 10,000 रुपये और भारी वाहन के लिए 30,000 रुपये का शुल्क देना होगा।
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