कहीं जारी कक्षाएं, कहीं ठप, केवल निजी स्कूल ऑनलाइन कक्षाओं को लेकर सक्रिय
सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की पढ़ाई हो रही प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में बीते दिनों हुई जोरदार बारिश के बाद वीरवार और शुक्रवार को मौसम पूरी तरह साफ रहा। हालांकि प्रदेश में खराब मौसम और लगातार हो रहे हादसों को ध्यान में रखते हुए शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। इससे पहले भी जिला प्रशासन ने खराब मौसम को देखते हुए छुट्टियों की घोषणा की थी। उस समय यह तय किया गया था कि शिक्षक स्कूल आने या न आने के लिए स्वतंत्र रहेंगे, लेकिन ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से पढ़ाई जारी रहेगी। अब सरकार की ओर से घोषित छुट्टियों में ऑनलाइन पढ़ाई को लेकर स्थिति दुविधापूर्ण बनी हुई है। 23 अगस्त को शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी आदेशों में सभी शिक्षण संस्थानों को 7 सितंबर तक बंद रखने के निर्देश दिए गए। इसमें अध्यापकों को भी स्कूल न आने की छूट दी गई। साथ ही आदेशों में यह भी स्पष्ट किया गया कि विद्यार्थियों को ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाया जाए और स्कूल प्रबंधन यह सुनिश्चित करें कि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। इसके बावजूद अधिकांश सरकारी ही नहीं, बल्कि निजी स्कूलों में भी ऑनलाइन पढ़ाई पर विशेष ध्यान नहीं दिया जा रहा।
ऑनलाइन पढ़ाई के पक्ष में नहीं छोटे बच्चों के अभिभावक
पहली से आठवीं कक्षा तक पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के अभिभावक ऑनलाइन शिक्षा के पक्ष में नहीं हैं। उनका कहना है कि ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चे न तो सही ढंग से सीख पाते हैं और न ही पढ़ाई में मन लगा पाते हैं। उलटा उन्हें मोबाइल फोन के प्रयोग की आदत पड़ जाती है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को मोबाइल से दूर रखना पहले ही बड़ी चुनौती है, ऐसे में ऑनलाइन पढ़ाई उन्हें मजबूरन मोबाइल के संपर्क में ले आती है।उपनिदेशक जिला उच्च शिक्षा विभाग अनिल कुमार तक्खी ने बताया कि स्कूलों को ऑनलाइन पढ़ाई कराने के दिशा-निर्देश दिए गए हैं। यदि कहीं इसमें लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित से जवाब तलब किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों के मामले में अभिभावकों की सहमति को प्राथमिकता दी जा सकती है और इस संबंध में स्कूल प्रबंधन अपने स्तर पर निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं।