संतोषगढ़ (ऊना)। प्रदेश में सट्टे के अवैध कारोबार का मकड़जाल शहरी क्षेत्रों से लेकर गांवों तक फैल चुका है। एक रुपये से नब्बे रुपये बनाने के चक्कर में लाखों लोग अपनी मेहनत की कमाई और जमापूंजी को सट्टे के काले कारोबार में बर्बाद कर रहे हैं। एक मोटे अनुमान के मुताबिक प्रदेश में रोजाना करीब एक करोड़ से अधिक का सट्टा लग रहा है।
ऊना की बात करें तो पिछले साल ही जिले में सट्टे के लगभग 191 मामले पंजीकृत करने के साथ ही पुलिस ने सट्टेबाजों से लगभग पांच लाख रुपये की नकदी भी जब्त की है। जिले में शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों से महीने में करीब पांच करोड़ रुपये सट्टे पर लगाए जाने का अनुमान है।
इस बीच, आधुनिक हो चुके इस दौर में सट्टे का भी डिजिटलीकरण हो चुका है। लोग अपने मोबाइल फोन पर ही ऑनलाइन सट्टे का परिणाम देख रहे हैं। ऊना जिले में रोजाना ही शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह से लेकर देर रात तक सट्टे का खेल चलता रहता है। आलम यह है कि मजदूर, मध्यम वर्गीय परिवार के लोगों के अलावा युवा वर्ग, स्कूली बच्चे व महिलाएं भी सट्टे के खेल में शामिल हैं। प्रदेश में पंजाब की सीमाओं से सटे जिलों में सट्टे का काला कारोबार खूब फलफूल रहा है।
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भगवान व शहरों सहित अन्य नाम प्रचलित
सट्टे के काले कारोबार में भगवान के कई नामों पर भी सट्टे खेला जा रहा है। सट्टा बाजार में भगवान के नाम से श्री हरि, राजश्री, श्री गणेश, जय महालक्ष्मी, हरिद्वार सहित राज्यों व शहरों के नामों हिमाचल, हिमाचल नून, फरीदाबाद, गुड़गांव, गाजियाबाद, ग्वालियर, दिल्ली बाजार, जालंधर, आगरा सिटी, साउथ दिल्ली, चार मीनार, फरीदाबाद गोल्ड, इंडिया क्लब, सुंदरम, मैक्स गोल्ड, चेतक, शेर-ए-अफगान, अरब कंट्री, गली, गली किंग जैसे कई नामों पर लोग रोजाना पर्ची सट्टे के साथ-साथ ऑनलाइन भी लाखों का दांव खेल रहे हैं।
कोट्स
पकड़े जा रहे है सट्टेबाज : डीएसपी
डीएसपी मुख्यालय कुलविंद्र सिंह का कहना है कि सट्टे की गतिविधियों पर नजर रखते हुए नियमित कार्रवाई कर रही है। 2021 के दौरान सट्टे के लगभग 191 मामले पंजीकृत कर कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि रोजाना ही सट्टे के कारोबार में जुड़े सटोरियों व सट्टेबाजों की धरपकड़ की जा रही है।