शिक्षा विभाग ने ऐसे स्कूलों का आंकड़ा मांगा जहां नहीं हैं भस्मक
स्कूलों को 11 नवंबर तक विभाग को सौंपनी होगी जानकारी
जिले के कई स्कूलों में अभी तक नहीं है सेनेटरी नैपकिन भस्मक
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले के शत प्रतिशत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक और उच्च पाठशालाओं में सेनेटरी नैपकिन भस्मक लगाए जाएंगे। इसके लिए शिक्षा विभाग ने तैयारी कर ली है। शिक्षा विभाग ने उन सभी स्कूलों की जानकारी मांगी है, जहां सेनेटरी नैपकिन भस्मक अभी तक स्थापित नहीं हैं। इस आंकड़े को विभाग के पास उपलब्ध करवाने के लिए 11 नवंबर यानी सोमवार तक का समय दिया गया है। जानकारी उपलब्ध होने के बाद स्कूलों में भस्मक लगाए जाएंगे।
जानकारी के अनुसार जिले में वरिष्ठ माध्यमिक और उच्च स्कूलों को मिलाकर करीब 182 स्कूलों में सेनेटरी नैपकिन भस्मक बनाए गए हैं। शिक्षा विभाग को इसी वर्ष यह जानकारी प्राप्त हुई कि जिले में करीब 12 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक और उच्च स्कूलों में सेनेटरी नैपकिन भस्मक मशीन संचालित नहीं हो पा रही। यह खुलासा शिक्षा विभाग की ओर से निदेशालय को भेजी गई रिपोर्ट में हुआ। कुछेक स्कूल ऐसे भी पाए गए, जहां सरकार की ओर से जारी सेनेटरी नैपकिन की खेप कम पड़ रही है। इसे ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग ने समस्या को पूरी तरह समाप्त करने की योजना पर कार्य शुरू कर दिया है। इस आंकड़े में वे स्कूल भी शामिल होंगे, जहां लगाई गई भस्मक खराब स्थिति में है। भस्मक नैपकिन को जलाकर और उसे राख में बदलकर पर्यावरण अनुकूल तरीके से नष्ट करता है। इसे नैपकिन के आसान और सुरक्षित निपटान को सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसे उपयोगकर्ता सीधे भस्मक में डालकर स्वयं निपटान कर सकता है। इससे नैपकिनों के निपटान के तरीके खोजने की शर्मिंदगी से छुटकारा मिलता है। इस मशीन के एक चक्कर में एक ग्राम से भी कम राख बनती है।
कोट्स
सेनेटरी नैपकिन भस्मक से जुड़ी जानकारी सभी स्कूलों से मांगी गई है। आंकड़ा उपलब्ध होने के बाद उसी आधार पर आगामी कार्य होंगे। सभी स्कूल इसे गंभीरता से लेते हुए जानकारी उपलब्ध करवाएं ताकि स्कूलों में एक सुविधाजनक माहौल बरकरार रखा जा सके।
राजेंद्र कौशल, उपनिदेशक, जिला उच्च शिक्षा विभाग।