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Una News: बाथू में फैक्ट्री से जब्त दवाओं के सैंपल जांच के लिए बद्दी भेजे

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करीब छह लाख की दवाइयों और कैप्सूल किए हैं जब्त
लाइसेंस रद्द होने के बाद भी जारी था दवाइयां बनाने का काम

पकड़ी गई दवा किस गुणवत्ता की, इसकी होगी जांच

संवाद न्यूज एजेंसी

ऊना। पुलिस और दवा विभाग की ओर से बुधवार देर रात बाथू स्थित एक फैक्ट्री में जब्त की करीब छह लाख की दवाइयों और कैप्सूल के सैंपल जांच के लिए बद्दी स्थित प्रयोगशाला में भेजे गए हैं। दवा विभाग आगामी कार्रवाई दवाओं और कैप्सूल की सैंपल रिपोर्ट आने के बाद करेगा।जानकारी के अनुसार प्रयोगशाला में दवाओं की जांच में यह पता लगाया जाएगा कि बिना लाइसेंस संचालित हो रही इस फैक्ट्री में तैयार दवा व कैप्सूल किस गुणवत्ता के हैं। उन्हें तैयार करने में पूरे मानकों का ध्यान रखा गया या नहीं। अगर दवा निर्माण में कोताही या स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पाई जाती हैं तो मामला और गंभीर हो जाएगा। दवा विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार रिपोर्ट आने में एक सप्ताह तक का समय लग सकता है। इस मामले में ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही।
फैक्ट्री पर कार्रवाई का नेतृत्व विशेष अन्वेषण शाखा के इंचार्ज सुनील कुमार सांख्यान ने किया। पुलिस व दवा विभाग को बुधवार को गुप्त सूचना मिली की क्षेत्र में एक पुरानी फार्मा कंपनी, जिसका लाइसेंस नवंबर 2024 में रद्द कर दिया गया था, वहां अवैध तरीके से दवाओं का निर्माण हो रहा। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए दवा विभाग व हरोली पुलिस की टीम ने बाथू स्थित टाइटन फार्मा नाम की कंपनी पर छापा मारा। इस दौरान भारी मात्रा में दवा और कैप्सूल पकड़े गए। पकड़ी गई दवाओं में ऐसीफ्लर एसपी की 12000 गोलियां, सैडलर-बी की 19000 गोलियां, ओमिगो-डी कैप्सूल की 12000, मोक्सीगो-सीवी के 150 डिब्बे, ओरिक्लान-एमडी के 56 डिब्बे, तीन किग्रा खुली टैबलेट, 15 किग्रा कैप्सूल और फ्लूकलैन के 500 स्ट्रिप्स पकड़े गए।
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दवा निरीक्षण पंकज गौतम ने बताया कि पकड़ी की दवा के सैंपल जांच के लिए बद्दी भेजे गए हैं। कहा कि रिपोर्ट आने पर जांच की दिशा तय होगी। फिलहाल ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही।
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