ऊना और मैहतपुर बाजार में सुरक्षा को लेकर प्रशासन के आदेशों की उड़ीं धज्जियां
केपी पांजला
ऊना। दीपावली पर प्रशासन की ओर से पटाखों को बेचने का स्थान निर्धारित करने के बावजूद नियमों की जमकर धज्जियां उड़ीं। ऊना शहर में पटाखों को बेचने के लिए निर्धारित किया रामलीला मैदान खाली रहा जबकि बाजार और गलियों में जमकर पटाखों की दुकानें सजी मिलीं। भीड़ वाले क्षेत्रों में पटाखों की सजी दुकानों ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल भी खोल दी। बाजार में पुलिस जवान भी कम तादाद में नजर आए। शहर के बाजार व मुख्य सड़कों पर भी पटाखों की बिक्री खुलेआम दिनभर होती रही जबकि सुरक्षा की दृष्टि के चलते प्रशासन की तरफ से कई नियम लागू किए गए थे। शहर के लक्कड़ बाजार समेत कई जगह फायर हाइड्रेंट की सुविधा भी नहीं है। बाजार में कई जगह दिन के समय भी आतिशबाजी होती रही।
हालांकि, अग्निशमन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी अलर्ट रहे और एक-एक दुकान में पहुंचकर उन्होंने अग्निशमन यंत्रों और लाइसेंस की जांच की। मैहतपुर में भी प्रशासन ने पटाखों को बेचने के लिए खुली जगह निर्धारित की थी लेकिन प्रशासनिक नियम व आदेशों को धता बताते हुए भरे बाजार में पटाखों की बिक्री जारी रही। ऊना समेत अन्य बाजारों में ग्रीन पटाखों की आड़ में दुकानदार दूसरे पटाखों को भी बेचते नजर आए। अग्निशमन विभाग के अनुसार जहां-जहां प्रशासन ने स्थान निर्धारित किए थे। वहां मैदान खाली नजर आए। अग्निशमन विभाग के अधिकारी अशोक राणा ने बताया कि शहर में लगाई गई सभी दुकानों का निरीक्षण कर अग्निशमन यंत्र और लाइसेंस जांचे गए। कुछ दुकानदारों ने दुकानों के साथ पानी की व्यवस्था भी की थी। उन्होंने बताया कि विभाग के कर्मचारी 24 घंटे अलर्ट पर हैं। उन्होंने लोगों से आह्वान किया है कि रात के समय हवा में उड़ने वाले पटाखों का कम इस्तेमाल करें।
कोट्स
मामला ध्यान में आ गया है। एसएचओ को नियमों का पालन करवाने के मौके पर निर्देश दिए गए हैं। नियमों की अवहेलना करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शहर में पटाखों को बेचने के लिए स्थान निर्धारित किए गए हैं। -अभिषेक कुमार, उपमंडलाधिकारी नागरिक ऊना