ऊना में दिवाली पर्व की रात रविवार को आसमान में लोगों की ओर से गई आतिशबाजी । संवाद
ऊना। जिला ऊना में बीते दिन रविवार को लोगों ने दिवाली पर्व धूमधाम से मनाया। दिवाली पर्व के लिए लोगों ने अपने-अपने घरों को विशेष रूप से सजाया था। देर रात को पटाखे चलाने सहित लोगों ने खूब आतिशबाजी की। हालांकि दिवाली पर्व के दौरान पटाखे चलाने के लिए प्रशासन ने रविवार को रात 08 बजे से 10 बजे तक का समय निर्धारित किया था, लेकिन देररात तक लोगों ने पटाखे चलाकर नियमों को धुंए में उड़ा दिया।
जिला मुख्यालय सहित शहरों में निर्धारित स्थलों पर चिह्नित स्थानों पर भी बहुत कम पटाखों की बिक्री हो सकी। दुकानदारों ने सड़कों के किनारों से लेकर बाजारों में मनमाने ढंग से पटाखा-फड़ियां सजाकर बिक्री की। पर्व को मनाने के लिए रविवार सुबह से ही हर जगह खुशियों का माहौल रहा। दिनभर लोगों ने बाजार में उपहारों और मिठाइयों की खरीदारी की। शाम को लोगों ने रंगोलियां बनाकर अपने-अपने घरों को दीपक जलाकर रोशन किया।
शुभ मुहूर्त के बीच यहां शाम 05ः20 बजे के बाद मां लक्ष्मी और गणेश की पूजा-अर्चना की। लोगों ने घी और तेल के दीपक जलाकर मां लक्ष्मी का स्वागत किया। रात के समय दीपकों और रंग-बिरंगी लाइटों की रोशनी से पूरा ऊना जिला जगमगा उठा। लोगों ने रात को बड़े हर्षोउल्लास के साथ मां लक्ष्मी और गणेश की पूजा अर्चना की तथा स्वादिष्ट पकवानों और मिठाइयों के साथ भोग लगाया। लोगों ने घर-घर जाकर सगे संबंधियों में मिठाइयां बांटने की परंपरा निभाई। इस दौरान छोटे बच्चों ने भी दिवाली पर्व पूरे जोश और खुशी के साथ मनाया। बच्चों ने पटाखे चलाकर अपनी खुशी जाहिर की। कुछ लोगों ने अपने घरों में समय के समिति दायरे में डीजे आदि पर खूब नाच गाना किया।
उधर, पुलिस अधीक्षक ऊना अर्जित सेन ठाकुर कहा कि देर रात तक पटाखे चलाने को लेकर पुलिस के पास कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई है।
501 दीपों से जगमगाया गोंदपुर बनेहड़ा तालाब
गगरेट क्षेत्र के गोंदपुर बनेहड़ा के प्राचीन तालाब के आसपास स्थानीय लोगोंं ने दीपमाला कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान लोगों ने 501 दीपक जलाकर तलाश को आकाशगंगा में बदल दिया। समाजसेवी राजेंद्र पंडित ने बताया कि विगत सात वर्षों से यहां दीपमाला प्रज्ज्वलित करने की परंपरा निभाई जा रही है। उन्होंने कहा कि तालाब की बेहतरी के लिए ऐसे अभियान जारी रहेंगे। इसी के साथ उन्होंने प्रशासन से इसका कार्य शीघ्र पूरा करावाने की मांग उठाई है। बता दें कि गत वर्ष दीपों की संख्या 401 थी, जबकि इस बार 501 दीप जलाए गए। इस अवसर पर मोनू, सूर्यांश, हैप्पी, दिनेश, विनय मौजूद रहे।