ऊना। देश में कोरोना वायरस के नए वैरिएंट जेएन-1 के मामले सामने आने के बाद जिला ऊना में स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। विभाग ने अस्पतालों में सर्दी, बुखार और खांसी की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों के एहतियातन आरटी-पीसीआर (रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन-पोलीमरेज़ चेन रिएक्शन) टेस्ट करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों को भी उचित कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। हालांकि जिला ऊना में अभी कोरोना संक्रमण का कोई सक्रिय मामला नहीं है।
स्वास्थ्य विभाग ने जिलेभर के अस्पतालों में खांसी, जुकाम, बुखार के पीड़ितों के आरटी पीसीआर टेस्ट के लिए सैंपल लेने का आदेश जारी किया है। बता दें कि जिले में बीते कुछ दिनों में वायरल फीवर, सर्दी, खांसी और जुकाम के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। इस बीच कोरोना के खतरे के चलते विभाग ने सर्दी, खांसी और जुकाम के मरीजों के एहतियातन कोरोना टेस्ट करने का निर्णय लिया।
कोरोना वायरस जैसे मिलते-जुलते लक्षणों की वजह से लोगों में संक्रमण की आशंका भी रहती है। वायरल फीवर के इन्हीं मामलों को देखते हुए विभाग ने सभी स्वास्थ्य खंडों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। ताकि समय रहते कोरोना के मामले सामने आने पर उनका सही समय पर उपचार हो सके। विभाग ने साफ किया है कि आरटी-पीसीआर टेस्ट केवल संदिग्ध मरीजों के ही होंगे। इसके लिए पालकवाह में स्थापित आरटी-पीसीआर लैब के कर्मचारियों को भी सतर्क कर दिया है।
नियमों का पालन करें लोगः सीएमओ
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसके वर्मा ने कहा कि जिला ऊना में बीते कई माह से कोरोना संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है। नए जेएन-1 वैरिएंट को लेकर विभाग पूरी तरह सतर्क है। अस्पतालों में सर्दी, बुखार और खांसी से पीड़ित मरीजों के एहतियात के तौर पर आरटी-पीसीआर टेस्ट किए जाए। लोग कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए नियमों का पालन करना सुनिश्चित करें।