बड़ूही (ऊना)। विकास खंड अंब की ग्राम पंचायत नंदपुर में श्मशानघाट का निर्माण पांच साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया। निर्माण के लिए 26.72 लाख रुपये स्वीकृत होने और करीब 23 लाख रुपये खर्च होने की जानकारी के बीच मौके पर अधूरी चहारदीवारी, बिना प्लास्टर के हिस्से और बाथरूम पर टीन की छत होने को लेकर सवाल उठे हैं। वार्ड पंच रमन दीप सहित ग्रामीणों ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत मिली जानकारी के आधार पर निर्माण की गुणवत्ता और खर्च की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार, श्मशानघाट में चहारदीवारी, संस्कार शेड और बाथरूम सहित जरूरी सुविधाएं विकसित की जानी थीं। उनका आरोप है कि लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद काम अधूरा है। चहारदीवारी के कुछ हिस्सों पर प्लास्टर नहीं हुआ है, जबकि बाथरूम पर लेंटर के बजाय टीन की चादरें डाली गई हैं। ऐसे में ग्रामीणों ने स्वीकृत बजट, मौके पर हुए निर्माण और खर्च की गई राशि का मिलान करवाने की मांग उठाई है। बताया जा रहा कि चहारदीवारी के लिए मनरेगा के तहत 22 लाख रुपये, संस्कार शेड के लिए विधायक निधि से ढाई लाख और बाथरूम निर्माण के लिए स्वच्छ भारत मिशन से 2.10 लाख रुपये निर्धारित किए गए थे। इन मदों की कुल राशि 26.60 लाख रुपये बनती है, जबकि कुल स्वीकृत बजट 26.72 लाख रुपये बताया गया है। दोनों आंकड़ों में 12 हजार रुपये का अंतर है। इसका स्पष्ट विवरण संबंधित स्वीकृति आदेश और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच से ही सामने आ सकेगा।
वार्ड पंच रमन दीप ने आरटीआई के तहत निर्माण कार्य का रिकॉर्ड हासिल किया है। उनके मुताबिक, उपलब्ध विवरण में करीब 1.75 लाख रुपये की टाइलों और सीमेंट के 1300 बैग का उल्लेख है। वार्ड पंच रमन दीप व ग्रामीणों में जतिंदर कुमार, जगदेव कुमार, सुरेश कुमार, गौरव कुमार और सुशील कुमार ने आरोप लगाया कि चहारदीवारी में निर्धारित भट्ठे की ईंटों के बजाय सीमेंट की ईंटों का इस्तेमाल किया गया और निर्माण स्वीकृत नक्शे के अनुरूप नहीं हुआ।
पंचायत सचिव रजिंदर सिंह ने बताया कि आरटीआई के माध्यम से मांगी गई जानकारी उपलब्ध करवा दी गई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में उन्होंने नंदपुर पंचायत के सचिव का पदभार संभाला था जबकि संबंधित निर्माण कार्य वर्ष 2021 का है।
पंचायत प्रधान रंजन देवी ने कहा कि श्मशानघाट के निर्माण कार्य की जांच करवाई जाएगी। यदि किसी की जिम्मेदारी सामने आती है, तो नियमानुसार कार्रवाई होगी।
खंड विकास अधिकारी अंब ओम पाल डोगरा ने कहा कि शिकायत मिलने पर मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।