कुवैत में हत्या को लेकर प्रदर्शन करते ग्रामीण अार परिजन।
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कुवैत में देहलां के युवक सुखविंदर सिंह की संदिग्ध हालात में हुई मौत के बाद सुखविंदर सिंह के परिजन ग्रामीणों समेत सोमवार को सड़क पर उतर आए। ग्रामीणों ने एक घंटे से ज्यादा समय तक नेशनल हाईवे जाम कर दिया। मृतक के परिजनों का आरोप है कि उनके बेटे की वहां पर कथित तौर पर हत्या हुई है, लेकिन उसकी हत्या को आत्महत्या का रूप दे दिया गया।
सोमवार को मृतक सुखविंदर सिंह के माता-पिता, अन्य परिजन और स्थानीय ग्रामीणों ने रोष जताते हुए चंडीगढ़-धर्मशाला राजमार्ग पर करीब सवा घंटे तक जाम लगा दिया। सड़क पर अपने बेटे का चित्र लेकर बैठी मृतक की मां ने कहा कि मेरे बेटे की रूह इंसाफ मांग रही है, जब तक उसके हत्यारों को पकड़ा नहीं जाता, तब तक उसके बेटे की रूह भटकती रहेगी।
गुस्साए परिजनों की मानें तो उन्होंने उपायुक्त ऊना के माध्यम से विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, कुवैत में भारतीय एंबेसी, खुफिया एंजेसी रॉ को पत्र लिखकर इंसाफ की गुहार लगाई थी, लेकिन पिछले दो माह से कोई कार्रवाई न होने पर मजबूरन उन्हें सड़क पर रोष प्रदर्शन को विवश होना पड़ा। मृतक के पिता शिंगारा सिंह का का कहना है कि 9 जुलाई को उनकी बेटे से आखिरी बार बात हुई थी, उसके बाद उससे हमारा कोई संपर्क नहीं हुआ। 16 जुलाई को सुखविंदर द्वारा आत्महत्या करने की खबर उन्हें कुवैत से दी गई थी।
25 जुलाई को मृतक का शव देहलां आया था। सोमवार को राजमार्ग से जाम खुलवाने के लिए मौके पर पहुंचे एसडीएम पृथीपाल सिंह ने गुस्साए ग्रामीणों को शनिवार तक इस बाबत बात करने का भरोसा दिलाया है। एसडीएम के भरोसे के बाद ही ग्रामीण सड़क से हटे। परिजनों की मांग की है कि दिल्ली तक उनकी आवाज को पहुंचाकर उनके बेटे की रूह को इंसाफ दिलाया जाए।