ऊना। मानसून के दौरान सरकारी स्कूलों में जलजनित बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
स्कूल शिक्षा निदेशालय की ओर से प्रदेश के सभी उपनिदेशकों को जारी पत्र में पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच, जल स्रोतों की सफाई और पानी की टंकियों की नियमित क्लोरीनेशन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
विभाग ने पत्र में कुल्लू जिला के राजकीय प्राथमिक स्कूल बारी में मिड-डे मील खाने के बाद विद्यार्थियों के बीमार होने का मामला भी सामने रखा है। पत्र के अनुसार, 18 अगस्त को मिड-डे मील के बाद कई विद्यार्थी बीमार पड़े थे। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में विद्यार्थियों की बीमारी का कारण दूषित पानी बताया गया।
शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों में स्थानीय जल शक्ति विभाग के साथ समन्वय कर पेयजल स्रोतों की नियमित गुणवत्ता जांच और सफाई करवाने को कहा है।
स्कूलों में मौजूद सभी पानी की टंकियों की अनिवार्य रूप से सफाई और नियमित क्लोरीनेशन सुनिश्चित करना होगा। मिड-डे मील तैयार करने वाले कुक-कम-हेल्परों को व्यक्तिगत और रसोई की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं।