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Una News: बच्चों में बढ़ रही दांत खराब होने की समस्या

Wed, 23 Sep 2026 11:25 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
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ऊना। बच्चों में दांत खराब होने की समस्या लगातार बढ़ रही है। क्षेत्रीय अस्पताल ऊना की दंत चिकित्सा ओपीडी में हर माह करीब 100 से 150 बच्चे दांतों से जुड़ी समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। इनमें कई बच्चों के दांतों में कैविटी, दर्द, सड़न और मसूड़ों से संबंधित शिकायतें सामने आ रही हैं। चिकित्सकों के अनुसार बच्चों के खानपान में लगातार बढ़ रही मीठी और पैकेट वाली चीजों की मात्रा के साथ दांतों की नियमित सफाई नहीं करना इसका प्रमुख कारण माना जा रहा है।
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विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों में चॉकलेट, टॉफी, बिस्किट, मिठाइयों, पैकेज्ड जूस और अन्य मीठे खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन दांतों पर असर डालता है। इसके अलावा कई बच्चे भोजन करने के बाद दांतों की ठीक से सफाई नहीं करते। रात को सोने से पहले ब्रश न करना भी दांतों में कैविटी और सड़न का कारण बन सकता है। शुरुआत में समस्या होने पर बच्चे इसे नजरअंदाज करते हैं, जिससे बाद में दर्द और संक्रमण की स्थिति में अस्पताल पहुंचना पड़ता है।
क्षेत्रीय अस्पताल में दांतों से संबंधित दिक्कत के साथ पहुंचे अभिभावक विनय कुमार ने बताया कि उनका बेटा सात साल का है। उसके दांत में कीड़ा लग गया है। ऐसे में उपचार के लिए क्षेत्रीय अस्पताल आए हैं। चिकित्सकों ने दांत की नियमित सफाई करने व मीठे का कम सेवन करने की सलाह दी है। इसके अलावा उपचार के लिए पहुंची नेहा उम्र 15 वर्ष ने बताया कि उनके दांतों पर ठंडा व गर्म पदार्थ लगता है। उस दौरान हल्की दर्द होती है। ऐसे में क्षेत्रीय अस्पताल में उपचार के लिए आए हैं।
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समय पर जांच करवाना जरूरी
दंत चिकित्सकों का कहना है कि बच्चों के दांतों की नियमित जांच करवाना जरूरी है। दांत में हल्का दर्द, काला निशान या ठंडा-गर्म लगने जैसी शिकायत को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। शुरुआती स्तर पर समस्या का उपचार आसानी से किया जा सकता है जबकि अधिक सड़न होने पर दांत का उपचार जटिल हो जाता है। बच्चों को सुबह और रात सोने से पहले कम से कम दो बार ब्रश करने की आदत डालनी चाहिए। मीठी और चिपचिपी खाद्य सामग्री का सेवन कम करने के साथ भोजन के बाद कुल्ला करने की आदत भी जरूरी है। अभिभावकों को छोटे बच्चों के दांतों की सफाई पर विशेष ध्यान देने और समय-समय पर दंत चिकित्सक से जांच करवाने की सलाह दी जा रही है।





खानपान सही न होना व दांतों की नियमित देखभाल न होने से बच्चों में दांतों से संबंधित समस्याएं बढ़ रही हैं। अभिभावकों व बच्चों को चाहिए कि समय-समय पर दांताें की जांच जरूर करवाएं।
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-डॉ. कपिल भरवाल, वरिष्ठ दंत चिकित्सक क्षेत्रीय अस्पताल ऊना
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