बड़ूही (ऊना)। चीनी के दामों में अचानक आई तेजी के बाद अब उपभोक्ताओं को राहत मिली है। कुछ दिन पहले तक क्षेत्र के परचून बाजार में चीनी का भाव करीब 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया था जो अब घटकर करीब 55 रुपये प्रति किलो हो गया है। कीमत में आई इस कमी से आम लोगों ने राहत की सांस ली है। चाय, दूध और अन्य घरेलू जरूरतों के साथ-साथ मिठाइयों में इस्तेमाल होने वाली चीनी की कीमत बढ़ने का सीधा असर आम उपभोक्ताओं और कारोबारियों पर पड़ा। चीनी के दाम बढ़ने से घरों की रसोई का बजट प्रभावित हो गया था। चीनी की कीमतों में तेजी के बाद घरेलू बाजार में उपलब्धता बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से कई कदम उठाए गए। थोक उपभोक्ताओं और कारोबारियों के लिए स्टॉक रखने के नियम कड़े किए गए। सितंबर में चीनी की बिक्री का रिकॉर्ड कोटा भी निर्धारित किया गया, ताकि त्योहारी सीजन में बाजार में इसकी कमी न हो। नतीजतन चीनी के दामों में 15 रुपये प्रतिकिलो की गिरावट दर्ज की जा रही है। ऊना के थोक व्यापारी अनिल कपिला ने बताया कि कुछ समय पहले चीनी की कीमतों में अचानक तेजी आई थी लेकिन अब मंडियों और मिलों से माल की उपलब्धता बेहतर हुई है। इसके चलते थोक भाव में नरमी आई है और इसका असर धीरे-धीरे परचून बाजार में भी दिखाई दे रहा है। आपूर्ति सामान्य रही तो आने वाले दिनों में भाव में और स्थिरता आने की उम्मीद है।
कुछ दिन पहले 70 रुपये किलो तक चीनी बेचनी पड़ रही थी। कीमत बढ़ने के कारण ग्राहक जरूरत के हिसाब से ही खरीदारी कर रहे थे। अब भाव घटकर करीब 55 रुपये किलो होने से ग्राहकों को राहत मिली है और चीनी की मांग भी सामान्य होने लगी है।
रीमू कपिला, दुकानदार घालूवाल
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चीनी रोजमर्रा की जरूरत की वस्तु है। कुछ दिन पहले जब इसका भाव 70 रुपये किलो तक पहुंच गया था तो घर का बजट प्रभावित होने लगा था। अब कीमत घटकर 55 रुपये किलो होने से राहत मिली है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में चीनी के दाम इसी स्तर के आसपास बने रहेंगे।
-बलराज सिंह, दिलवां