नंदपुर (ऊना)। खाद्य तेल की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। एक ओर कंपनियां कुछ उत्पादों में पैकेट का वजन कम कर रही हैं, तो दूसरी ओर कई तेलों के दामों में सीधी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इससे महंगाई की मार झेल रही जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, गगन वनस्पति का 910 ग्राम पैक पहले 170 रुपये में उपलब्ध था जबकि अब उसी कीमत में केवल 840 ग्राम उत्पाद मिल रहा है। इस बदलाव के कारण प्रति किलोग्राम कीमत लगभग 187 रुपये से बढ़कर 202 रुपये हो गई है, जो करीब आठ प्रतिशत की वृद्धि है। पी मार्का सरसों तेल पहले 200 रुपये प्रति लीटर मिलता था, अब 210 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। इसकी कीमत में पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। वहीं सोयाबीन तेल के दामों में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। पहले एक लीटर सोयाबीन तेल 150 रुपये में उपलब्ध था, जो अब बढ़कर 180 रुपये प्रति लीटर हो गया है। उपभोक्ताओं को अब 20 प्रतिशत अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। ऐसे में लोगों और दुकानदारों ने सरकार से महंगाई रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
खाद्य तेलों की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे ग्राहक खरीदारी करते समय पहले की तुलना में अधिक सोच-विचार कर रहे हैं।
-विवेक, दुकानदार अंब
-
तेल के बढ़े हुए दामों का सीधा असर बिक्री पर दिखाई दे रहा है। महंगाई के कारण कई ग्राहक अब कम मात्रा में तेल खरीद रहे हैं।
-पंकज सूद, दुकानदार अंब
रसोई का मासिक बजट लगातार बढ़ता जा रहा है। पहले जिस राशि में महीनेभर का सामान आ जाता था, अब उसी सामान के लिए अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।
-शशि बाला, गृहिणी, चक्क
खाद्य तेल जैसे आवश्यक उत्पाद महंगे होने से घर का पूरा बजट प्रभावित हो रहा है और अन्य खर्चों में कटौती करनी पड़ रही है। आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के कारण आम परिवारों के लिए घरेलू खर्चों का प्रबंधन कठिन होता जा रहा है।
-सुदेश कुमारी, गृहिणी, बेहड़ जसवां