नारी (ऊना)। क्षेत्र के मंसोह धमांदरी गांव के मानसिक रूप से बीमार 27 वर्षीय नवीन कुमार और उनकी 75 वर्षीय मां सरोज देवी का अब आईजीएमसी शिमला में इलाज होगा। दोनों कई वर्षों से अवसाद में जीवन बिता रहे थे। नवीन के पिता की मृत्यु 12 वर्ष पहले हो चुकी थी, जिससे मां-बेटे की स्थिति और खराब हो गई।
सबसे पहले सहारा हेल्प एसोसिएशन ने उनकी स्थिति का जायजा लिया और मामला उजागर किया। इसके बाद जिला प्रशासन सक्रिय हुआ। दो दिन पहले जिलाधीश जतिन लाल और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर दोनों को क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में भर्ती कराया। जांच के बाद प्रशासन ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए आईजीएमसी शिमला शिफ्ट कर दिया, जहां अब सरकार और प्रशासन की देखरेख में उनका उपचार होगा।
कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा ने भी इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जबकि जिलाधीश जतिन लाल ने व्यक्तिगत रुचि लेकर मां-बेटे के इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की। क्षेत्र के लोगों ने जिलाधीश के इस मानवीय प्रयास की सराहना की है। जिलाधीश जतिन लाल ने कहा कि जब तक दोनों पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो जाते, उनका इलाज जारी रहेगा और प्रशासन उनकी स्थिति पर पूरी नजर रखेगा।