जिला एवं सत्र न्यायाधीश सीएल कोछड़ की अदालत ने दुराचार मामले में अर्जुन महतो निवासी बिहार को दोषी करार देते हुए सात साल की कैद सुनाई है।
इसके अलावा दोषी को 25 हजार रुपये जुर्माना अदा करना होगा। जुर्माना न देने की सूरत में दोषी को 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
दोषी अर्जुन महतो बिहार के बेगूसराय जिला के तहत चानन बिंदटोली गांव का रहने वाला है। उसने जिला के एक गांव में अपने परिवार के साथ रहने वाली एक प्रवासी युवती के साथ शारीरिक संबंध बनाए थे।
जिला न्यायवादी अरविंद कुमार नड्डा ने बताया कि बिहार निवासी पीड़िता के पिता ने पुलिस में दर्ज करवाई शिकायत में बताया कि वह अपने परिवार के साथ ऊना जिले के एक गांव में झुग्गी-झोंपड़ी में रहता है। मार्च 2014 में वह बिहार स्थित अपने घर गया था।
अपनी पुत्री और पुत्र को यहां छोड़ गया। इसी दौरान अर्जुन महतो ने उसकी पुत्री से दुराचार किया। काफी समय बीत जाने के बाद जब सितंबर 2014 में युवती की तबीयत बिगड़ी तो परिजन उसे एक चिकित्सक के पास ले गए। युवती का चेकअप किया तो वह गर्भवती निकली।
परिजनों ने युवती से इस संबंध में पूछताछ की तो उसने अर्जुन महतो की सारी करतूत बताई। परिजनों ने घटना के संबंध में पुलिस के पास शिकायत दर्ज करवा दी।
अर्जुन महतो भी ऊना से फरार हो गया। उसे बाद में पुलिस ने बिहार से दबोच लिया। कुछ समय बाद युवती ने एक बच्चे को जन्म दिया। जिसने कुछ दिनों बाद दम तोड़ दिया।
पुलिस ने बच्चे के साथ उसकी मां और दोषी का डीएनए मिलान करवाया। इसमें दोषी के ही उक्त बच्चे के पिता होने की पुष्टि हुई है। उन्होंने बताया कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश सीएल कोछड़ ने अर्जुन महतो को धारा 376 के तहत दोषी करार देते हुए उक्त सजा के आदेश दिए हैं।