ऊना। एंटी चिट्टा अभियान के तहत हजारों स्कूली बच्चों की प्रस्तावित रैली को लेकर भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। सत्ती ने कहा कि प्रदेश के अन्य जिलों में भी सरकार की ओर से इस तरह की नशा विरोधी रैलियां आयोजित की जा चुकी हैं लेकिन सरकार को यह बताना चाहिए कि इन रैलियों के बाद नशे की तस्करी पर कितना अंकुश लगा है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ केवल रैलियां निकालने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि पुलिस को नशा तस्करों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने के निर्देश देने होंगे। विधायक ने एंटी चिट्टा वॉकाथॉन में स्कूली बच्चों को शामिल करने की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक तरफ सितंबर महीने में भीषण गर्मी को देखते हुए प्रदेश सरकार के अधिकारी स्कूलों की समय सारणी में बदलाव कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उसी सरकार की ओर से हजारों स्कूली बच्चों को करीब चार घंटे तक बिना किसी शामियाने के कड़ी धूप में मैदान में खड़ा रखने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी।
सत्ती ने मुख्यमंत्री के ऊना दौरे को लेकर किए गए ट्रैफिक प्रबंधों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो बार ऊना का दौरा कर चुके हैं और उनके प्रवास के दौरान भी किसी सड़क मार्ग को इस तरह पूरी तरह बंद करने की नौबत नहीं आई लेकिन मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर पूरे शहर को बंद करने जैसी स्थिति पैदा कर दी गई है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
भाजपा विधायक ने स्कूल शिक्षकों को किराये पर बसों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए जाने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यदि सरकार या प्रशासन की ओर से इतना बड़ा आयोजन किया जा रहा है तो बच्चों को लाने-ले जाने की व्यवस्था आयोजकों को स्वयं करनी चाहिए। शिक्षकों पर बसों की व्यवस्था करने का अतिरिक्त दबाव डालना उचित नहीं है।