भारी बारिश के बावजूद जिले के स्कूल खोले गए
अभिभावकों बोले- मौसम को देखते हुए बच्चों को मिलनी चाहिए राहत
ऐसे मौसम में स्कूल आना-जाना खतरे से खाली नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में बारिश का दौर तेज हो गया है। वीरवार तड़के तीन बजे से लेकर सुबह आठ बजे तक जोरदार बारिश हुई। खराब मौसम को देखते हुए अभिभावकों ने अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा, जबकि कई बच्चे स्कूल भेजे गए। खराब मौसम के बीच स्कूलों को लगातार खोले जाना अभिभावकों के लिए चिंता का विषय बन गया है। उनका कहना है कि ऐसे मौसम में बच्चों को स्कूल भेजना खतरे से खाली नहीं। बारिश और बिजली के साथ सड़कों पर पेड़ गिर रहे। ऐसी स्थिति में प्रशासन और शिक्षा विभाग को एहतियातन कदम उठाने चाहिए।
जानकारी के अनुसार हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के तहत आते सभी सरकारी और निजी स्कूलों को एक जुलाई से खोल दिया गया। सीबीएसई स्कूलों में अभी छुट्टियां चल रही हैं, जो 10 जुलाई के आसपास खत्म होंगी। अभिभावकों में आरती देवी, नीलम कुमारी, किरण बाला, आशा देवी, वंदना कुमार, सतीश कुमार, विनोद और रशपाल ने कहा कि ऊना में बरसात के मौसम का खतरा अधिक रहता है। इसके बावजूद यहां गर्मियों की छुट्टियां कर दी गईं। बरसात के बीच वाहनों और पैदल बच्चों को स्कूल भेजा जा रहा है। कई बच्चों को स्कूल भेजा ही नहीं जा रहा। ऐसे माहौल में क्या पढ़ाई होगी। इससे बेहतर है कि मौसम को देखते हुए एहतियातन निर्देश दिए जाएं। कहा कि वैसे भी जिले में छुट्टियां बरसात के दिनों में होनी चाहिए। इसके लिए कई बार विभाग और प्रशासन से गुहार लगाई गई, लेकिन किसी ने सुनवाई नहीं की।
जिला प्रारंभिक शिक्षा विभाग के उपनिदेशक सोम लाल धीमान ने बताया कि मौसम को देखते हुए छुट्टियों को लेकर उन्हें कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुए है। प्रशासन और उच्च अधिकारियों की ओर से अगर कोई आदेश आता है तो निश्चित तौर पर उसे लागू किया जाएगा। कहा कि अगर किसी स्कूल में बरसात के बाद कोई समस्या पेश आ रही है तो विभाग को उस बारे में सूचित करें।