बारिश के बाद सूरी जंदोह–रामनगर- चौकीमन्यार सड़क की जर्जर स्थिति। संवाद
बड़ूही (ऊना)। सूरी जंदोह–रामनगर-चौकीमन्यार सड़क की जर्जर स्थिति एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। सड़क की बदहाली को लेकर संवाद न्यूज एजेंसी की अमर उजाला में 8 जुलाई को प्रकाशित खबर के बाद लोक निर्माण विभाग हरकत में आया और सड़क की अस्थायी मरम्मत करवाई गई। विभाग ने राहत के तौर पर गहरे गड्ढों में बजरी और रेत डाल दी लेकिन तेज बारिश में अस्थायी व्यवस्था पानी के साथ बह गई और सड़क दोबारा गहरे गड्ढों में तब्दील हो गई है। इससे लोगों को फिर से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
यह सड़क उपमंडल अंब की जबेहड़ पंचायत सहित आसपास के कई गांवों को जोड़ती है। वर्तमान में सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढों में वर्षा का पानी भर गया है, जिससे वाहन चालकों को सड़क की वास्तविक स्थिति का अंदाजा नहीं लग रहा। इससे दोपहिया और चारपहिया वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा लगातार बना हुआ है। इस मार्ग से प्रतिदिन स्कूली छात्र-छात्राएं, नौकरीपेशा कर्मचारी, किसान और गुग्गा मंदिर के लिए श्रद्धालु सफर करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की हालत अब इतनी खराब हो चुकी है कि केवल बजरी और रेत डालने से समस्या का समाधान संभव नहीं है। सड़क का स्थायी नवीनीकरण ही एकमात्र विकल्प बचा है।
लोक निर्माण विभाग अंब के कनिष्ठ अभियंता वरिंद्र वर्मा ने बताया कि लगातार बारिश के कारण फिलहाल हॉटमिक्स अथवा स्थायी मरम्मत करवाना संभव नहीं है। लोगों की सुविधा के लिए अस्थायी रूप से गड्ढों को भरा गया था लेकिन वर्षा के कारण सामग्री बह गई। मौसम अनुकूल होते ही सड़क की दोबारा मरम्मत करवाई जाएगी।
लोक निर्माण विभाग ने गड्ढों में बजरी और रेत डालकर केवल औपचारिकता निभाई। पहली ही तेज बारिश में पूरी सामग्री बह गई और सड़क पहले से भी अधिक खराब हो गई। विभाग को अब अस्थायी नहीं स्थायी समाधान करना चाहिए।
-शिव कुमार, निवासी जबेहड़
बरसात में इस सड़क पर सफर करना जोखिम भरा हो गया है। गड्ढों में पानी भरने से उनकी गहराई का पता नहीं चलता, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है। प्रशासन को सड़क के नवीनीकरण के लिए जल्द बजट स्वीकृत कर व्यापक सुधार कार्य करवाना चाहिए।
-राजेश कुमार, प्रधान, ग्राम पंचायत जबेहड़