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Una News: दो महीने बाद भी नींद से नहीं जागा लोक निर्माण विभाग

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विभाग का कारनामा
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रायपुर सहोडा बाड़ेयां को विभाग ने बना दिया है फत्तेवाल गांव

गावों के बोर्डों पर जनसंख्या भी नहीं की गई है अंकित

संवाद न्यूज़ एजेंसी

मैहतपुर (ऊना)। लोक निर्माण विभाग ने गांवों के भूगोल बदलने की अपनी गलती को दुरुस्त करने के लिए अभी तक कोई कदम नहीं उठाए हैं। गहरी नींद में सो रहे लोक निर्माण विभाग ने दो महीने का अरसा बीत जाने के बाद भी रायपुर सहोड़ा (बाड़ेयां) को फत्तेवाल गांव में तबदील करने की भूल में कोई सुधार नहीं किया है। करीब दो महीने पूर्व इस मसले को उठाया गया था। इसमें पता चलता है कि रायपुर संतोषगढ संपर्क मार्ग पर सड़क किनारे लगाए गए विलेज बोर्ड को फत्तेवाल में लगाना चाहिए था, लेकिन इसे ग्राम पंचायत रायपुर सहोड़ा के बाडेयां में लगाकर स्थानीय ग्राम पंचायत का भूगोल ही बदल डाला है। विभाग की इस बड़ी कोताही पर भले ही किसी जागरूक अथवा पढ़े लिखे नागरिक की नजर न पड़ी हो, लेकिन फत्तेवाल की एक छोटी बच्ची ने संतोषगढ़ से आते समय विभागीय कोताही पर सवाल उठाए थे। बड़ा सवाल यह कि लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने इस संपर्क मार्ग पर कार्य भी करवाया है, तब भी अपनी इस बड़ी भूल को सुधारने में कोई कदम क्यों नहीं उठाए गए। यही नहीं गांव रायपुर सहोड़ा की आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी के निकट विभाग ने विलेज बोर्ड तो लगा दिया, लेकिन विलेज बोर्ड पर विभाग जनसंख्या लिखना ही भूल गया। इस बोर्ड पर केवल गांव का नाम, जनसंख्या और प्राणी ही लिख दिया गया है। सूत्रों ने बताया कि न केवल रायपुर सहोड़ा , बल्कि कई अन्य गांवों में भी विलेज बोर्डों का यही हाल है।



शिवसेना प्रमुख शिवदत्त वशिष्ठ, हरीश अटवाल, शंभूनाथ शर्मा, गौरव सहोड़ सहित अनेक अन्य लोगों ने कहा कि यह लोकनिर्माण की बड़ी चूक है। इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई अमल में लाई जाए ।
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लोकनिर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता कुलदीप सिंह ने कहा कि उन्होंने संबंधित क्षेत्र के जेई को विलेज बोर्ड को वहां से हटाने के निर्देश दे रखे हैं। बोर्ड को अब तक भी क्यों नहीं हटाया गया है और क्या विलेज बोर्डों पर जनसंख्या अंकित करवाई है, इसकी जानकारी लेंगे।
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